मुंबई : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग एक जैसी सोच के नहीं थे। उनके अनुसार, कुछ लोग अपनी मांगों को लेकर ईमानदारी से आंदोलन में आए थे, लेकिन कई ऐसे लोग भी शामिल हो गए, जिनका मकसद केवल अपना राजनीतिक एजेंडा चलाना और माहौल बिगाड़ना था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई ऐसे लोग दिखाई दिए, जिन्हें यह तक पता नहीं था कि मामला क्या है और आंदोलन किस मुद्दे को लेकर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन भी इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन दलों को अपने-अपने राज्यों में जनता ने नकार दिया है, वे भी इस आंदोलन के जरिए राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों की वजह से आंदोलन का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ। फडणवीस ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, गाड़ियों को पलटा गया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई। ऐसी स्थिति में पुलिस के सामने हालात संभालना बड़ी चुनौती थी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी सरकार को अपने नागरिकों पर लाठीचार्ज करना अच्छा नहीं लगता। लेकिन यदि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने लगे, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने पड़ते हैं। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस ने काफी संयम के साथ कार्रवाई की और केवल उतनी ही शक्ति का इस्तेमाल किया, जितनी जरूरी थी। हालांकि फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी प्रदर्शनकारियों पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर ईमानदारी से शामिल हुए थे, लेकिन यह भी साफ दिखा कि कुछ तत्व केवल अराजकता फैलाने और अपने स्वार्थ पूरे करने के इरादे से वहां पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आंदोलन में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें न तो मुद्दे की पूरी जानकारी थी और न ही आंदोलन की पृष्ठभूमि का पता था। उनके मुताबिक, कई लोग सिर्फ अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए वहां मौजूद थे, जिससे पूरे आंदोलन की दिशा प्रभावित हुई।


