नागपुर : नागपुर के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नागपुर जिला खेल संकुल को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा शासन निर्णय जारी होने के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह परियोजना केवल खेल परिसर नहीं, बल्कि विदर्भ के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देने वाला केंद्र बनेगी। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि खिलाड़ियों को बड़े शहरों जैसी आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था मिल सके।
प्रमुख बातें
- 100 करोड़ रुपये की परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी।
- नागपुर जिला खेल संकुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से होगा।
- 300 लड़कों और 300 लड़कियों के लिए अलग-अलग सुसज्जित हॉस्टल।
- बहुउद्देशीय इंडोर हॉल का निर्माण।
- 20 मीटर और 50 मीटर की आधुनिक शूटिंग रेंज।
- 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक।
- हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान।
- सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट और 70 मीटर आर्चरी रेंज।
- कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल मैदान भी बनाए जाएंगे।
- मिनी गोल्फ सुविधा और आधुनिक जिम की व्यवस्था।
- सौर ऊर्जा प्रकल्प, चेंजिंग रूम और बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था।
बावनकुळे के प्रयासों को मिली सफलता
महसूल मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने इस परियोजना के लिए लगातार प्रयास किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सकारात्मक नेतृत्व में यह महत्वपूर्ण मंजूरी संभव हो सकी है।
मंजूरी की प्रक्रिया
* 20 मई 2026 को उच्चस्तरीय सचिव समिति की स्वीकृति।
* 25 जून 2026 को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी।
* अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने से निर्माण प्रक्रिया शुरू होने का मार्ग साफ।
* पूरा खर्च स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग के बजटीय प्रावधान से किया जाएगा।
खिलाड़ियों को होगा सीधा लाभ
आज विदर्भ के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। नया खेल संकुल तैयार होने के बाद उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आवास और प्रतियोगी माहौल मिलेगा। इससे नागपुर में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावना भी बढ़ेगी।
क्यों है यह फैसला खास?
* नागपुर को प्रमुख खेल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम।
* विदर्भ के हजारों खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ।
* राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावना बढ़ेगी।
* स्थानीय खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
* नागपुर की पहचान देश के प्रमुख खेल केंद्रों में और मजबूत होगी।


