नागपुर : महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) ने एसटी बस किराए में औसतन 13.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। डीजल की बढ़ती कीमतों और संचालन खर्च में वृद्धि को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। त्योहारों के मौसम से पहले हुई इस बढ़ोतरी से गांव-कस्बों से रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि मुंबई-पुणे मार्ग पर चलने वाली प्रीमियम एसी बस सेवाओं के यात्रियों को राहत मिली है, क्योंकि शिवनेरी और शिवशाही के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) ने एमएसआरटीसी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और नए किराए लागू हो चुके हैं। अब टिकट दरों को 5 रुपये के गुणक में तय किया जाएगा, ताकि छुट्टे पैसों को लेकर यात्रियों और परिचालकों के बीच विवाद की स्थिति न बने। महामंडल की साधारण बस सेवा, राजमाता जिजाऊ, मिडी बस, नॉन-एसी स्लीपर-कम-सीटर और नॉन-एसी स्लीपर सेवाओं के किराए बढ़ाए गए हैं। वहीं शिवनेरी, शिवशाही, जनशिवनेरी ई-बस, ई-शिवाई और निमआराम (एशियाड) सेवाओं के किराए यथावत रखे गए हैं। नए दरों के अनुसार साधारण बस का किराया 11.40 रुपये प्रति चरण, सेमी-लक्जरी का 13.65 रुपये, ऑर्डिनरी स्लीपर-सीटर का 15.50 रुपये और ऑर्डिनरी स्लीपर का 16.75 रुपये प्रति चरण तय किया गया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि बढ़ते खर्च के कारण यह निर्णय लेना जरूरी था। उनका कहना है कि यात्रियों पर कम से कम आर्थिक भार पड़े, इसका ध्यान रखा गया है। फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों में इस फैसले को लेकर चिंता देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 6 किलोमीटर की न्यूनतम यात्रा का किराया अब 13 रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो जाएगा। यह एक साल के भीतर एमएसआरटीसी की दूसरी बड़ी किराया वृद्धि है। पिछले वर्ष भी किराए में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। महामंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त से रियायती यात्रा के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) अनिवार्य किया जाएगा। महिला, वरिष्ठ नागरिक और अमृत योजना के लाभार्थियों को छूट प्राप्त करने के लिए स्मार्ट कार्ड का उपयोग करना होगा। अब तक 62 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है और 35 लाख से अधिक कार्ड सक्रिय किए जा चुके हैं। त्योहारों के मौसम में बढ़े किराए से आम यात्रियों की चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन शिवनेरी और शिवशाही यात्रियों के लिए किराया स्थिर रहने से उन्हें राहत मिली है।


