महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति के बीच खेती से अपेक्षित आमदनी नहीं होने के कारण किसानों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं। ऐसे समय में भंडारा जिले के दूध उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भंडारा जिला दुग्ध उत्पादक संघ ने गाय और भैंस के दूध के खरीद भाव में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस फैसले से जिले के दूध उत्पादकों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
भैंस के दूध पर 4 रुपये और गाय के दूध पर 2 रुपये बढ़े
दुग्ध संघ की ओर से जारी नई दरों के अनुसार, भैंस के दूध का खरीद भाव 48 रुपये से बढ़ाकर 52 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी किसानों को अब हर लीटर पर 4 रुपये अधिक मिलेंगे। वहीं, गाय के दूध का भाव 37 रुपये से बढ़ाकर 39 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इससे गाय का दूध बेचने वाले किसानों को भी प्रति लीटर 2 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
दूध के दाम में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब खेती में नुकसान और आर्थिक चुनौतियों के चलते किसानों के लिए आय के दूसरे स्रोत भी बेहद जरूरी हो गए हैं। ऐसे में दूध व्यवसाय से मिलने वाली अतिरिक्त कमाई उनके लिए कुछ राहत लेकर आ सकती है।
दूध संकलन में 10 हजार लीटर की बढ़ोतरी
दूध के खरीद भाव बढ़ाने का असर अब दूध संकलन पर भी दिखाई देने लगा है। करीब डेढ़ महीने पहले भंडारा जिला दुग्ध संघ के पास प्रतिदिन केवल 18 हजार लीटर दूध जमा होता था। लेकिन दरों में बढ़ोतरी के बाद अधिक दूध उत्पादक संघ को दूध देने के लिए आगे आए हैं। इसके चलते महज डेढ़ महीने में प्रतिदिन दूध संकलन 10 हजार लीटर बढ़कर 28 हजार लीटर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बताता है कि बेहतर खरीद भाव मिलने पर किसान भी दुग्ध संघ के साथ जुड़ने में रुचि दिखा रहे हैं।
किसानों के हित को प्राथमिकता
दूध के खरीद भाव बढ़ाने से दुग्ध संघ पर आर्थिक बोझ जरूर बढ़ा है, लेकिन किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं, संघ की ओर से दरें बढ़ाए जाने के बाद निजी दूध खरीदारों के सामने भी प्रतिस्पर्धा की चुनौती खड़ी हो गई है। खेती की अनिश्चितता के बीच पशुपालन और दूध व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय का अहम जरिया है। ऐसे में भंडारा जिला दुग्ध संघ की यह पहल दूध उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।


