मुंबई : मुंबई के प्रतिष्ठित क्लबों के रेस्तरां पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के अन्य क्लबों और जिमखानों में भी सतर्कता बढ़ गई है। क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) समेत पांच नामी क्लबों के भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और गंदगी मिलने पर कार्रवाई की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई CCI के रेस्तरां का लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने के रूप में सामने आई।
FDA की इस कार्रवाई के बाद कई क्लबों ने अपने किचन की सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच शुरू कर दी है। क्लबों के सदस्य भी अब भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। एमआईजी क्लब के एक सदस्य ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर प्रबंधन को लगातार ध्यान देना चाहिए। वहीं, मरीन ड्राइव स्थित मुस्लिम जिमखाना के प्रबंधन ने FDA की कार्रवाई का स्वागत करते हुए बताया कि उनके यहां स्टील के उपकरणों का उपयोग किया जाता है और किचन की नियमित जांच की जाती है।
दादर क्लब के एक सदस्य ने कहा कि ग्राहक भोजन के स्वाद में बदलाव महसूस होने पर शिकायत कर सकते हैं, लेकिन रसोई की स्वच्छता की जांच करना उनका काम नहीं है। ऐसे मामलों में FDA की कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, एमआईजी क्लब और चेंबूर के एकर्स क्लब के प्रबंधन ने बताया कि किचन का नवीनीकरण और खानपान सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का काम जारी है।
इन वजहों से हुई कार्रवाई
– क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI): किचन में झुरळ, खराब अनाज, सब्जियों पर फफूंदी, अस्वच्छ भंडारण और गंदगी।
– बीके जुहू जिमखाना और द अपर्णा जुहू जिमखाना: साफ-सफाई और खाद्य भंडारण में गंभीर खामियां।
– द विलिंग्डन स्पोर्ट्स क्लब: खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं।
– गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब: वैध लाइसेंस के बिना संचालन।
– एमआईजी क्रिकेट क्लब: बिना अनुमति थर्ड पार्टी कैटरिंग, किचन में झुरळ और खाद्य सामग्री का गलत भंडारण।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि विभाग किसी को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं करता। जहां गंभीर अनियमितताएं मिलती हैं, वहां नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाते हैं। हालांकि, कुछ क्लब प्रबंधनों का मानना है कि कैंटीन बंद करने से पहले सुधार के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए, ताकि कमियों को दूर किया जा सके।


