कराड : सातारा जिले के कोयना बांध में जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद बांध प्रशासन ने पानी का डिस्चार्ज जारी रखा है। हालांकि बारिश की रफ्तार कम होने से सोमवार सुबह पानी छोड़ने की मात्रा में कमी की गई। इसके बावजूद कराड समेत कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सोमवार सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार, कोयना बांध का जलस्तर 2,152 फीट 9 इंच (656.158 मीटर) दर्ज किया गया। बांध में कुल 91.42 टीएमसी यानी 86.86 प्रतिशत जलसंग्रह है, जबकि उपयोगी जलसंग्रह 86.30 टीएमसी (86.19 प्रतिशत) तक पहुंच चुका है। फिलहाल बांध में 33,284 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। स्थिति को देखते हुए सुबह 9 बजे बांध के छह रेडियल गेट 5 फीट से घटाकर 4 फीट तक खोलने का निर्णय लिया गया। इसके बाद स्पिलवे से 23,858 क्यूसेक और जलविद्युत परियोजना से 1,050 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह कोयना नदी में कुल 24,908 क्यूसेक पानी का प्रवाह जारी है।
यह पानी आगे कृष्णा नदी में मिलने के कारण कराड, उंब्रज और आसपास के नदी किनारे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ा रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी में उतरने से बचें, पशुओं और खेती के उपकरणों को नदी किनारे न रखें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश दोबारा तेज होती है या बांध में पानी की आवक बढ़ती है, तो पानी छोड़ने की मात्रा फिर बढ़ाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन और ग्राम पंचायतों को पहले से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
– नदी या पुल के नीचे जाने से बचें।
– नदी किनारे पशु न बांधें।
– बच्चों और पर्यटकों को नदी के पास न जाने दें।
– प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
– अफवाहों पर नहीं, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।


