पुणे : स्कूल की प्रार्थना हो, कोई जरूरी सूचना हो या फिर शिक्षक का पढ़ाया हुआ पाठ… अब आखिरी बेंच पर बैठे विद्यार्थियों तक भी हर शब्द साफ और स्पष्ट पहुंच सकेगा। राज्य सरकार ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की करीब 16 हजार स्कूलों में स्पीकर सिस्टम (पीए सिस्टम) उपलब्ध कराने का बड़ा निर्णय लिया है।
शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। कई स्कूलों में बड़े परिसर, ज्यादा विद्यार्थी संख्या या बहुमंजिला इमारतों के कारण शिक्षक और प्रशासन की आवाज सभी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाती थी। नई स्पीकर व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। बालकों को गुणवत्तापूर्ण और आनंददायी शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में स्कूलों के शैक्षणिक संसाधनों को मजबूत करने के लिए पीए सिस्टम उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से इस योजना की उपयोगिता, तकनीकी मानक और आवश्यकताओं का अध्ययन कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके बाद 16 हजार स्कूलों के लिए स्पीकर सेट खरीदने हेतु ई-निविदा प्रक्रिया तैयार की जाएगी। शासन की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। इस सुविधा से स्कूलों में सुबह की प्रार्थना, राष्ट्रगान, महत्वपूर्ण घोषणाएं, डिजिटल शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपातकालीन सूचनाएं अधिक प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंच सकेंगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और बड़े स्कूल परिसरों में इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। यह निर्णय केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि स्कूलों में संवाद को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और पढ़ाई का माहौल भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।


