मुंबई: महाराष्ट्र के लाखों किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना के तहत कर्ज माफी का लाभ लेने वाले किसानों को ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना’ से एक वर्ष के लिए बाहर रखने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राज्य के करीब 56 लाख किसानों पर इसका असर पड़ सकता है। वर्तमान में नमो शेतकरी योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह योजना 15 जून 2023 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर शुरू की गई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 93.08 लाख किसानों को योजना की आठ किस्तों के माध्यम से 14,816 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, 2026-27 वित्तीय वर्ष की दिसंबर-मार्च और अप्रैल-जुलाई की दो किस्तें अभी जारी नहीं हुई हैं। इसके लिए कृषि आयुक्तालय ने राज्य सरकार को निधि का प्रस्ताव भेजा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में घोषित कर्ज माफी योजना के कारण सरकार पर बढ़े वित्तीय बोझ को देखते हुए यह प्रस्ताव विचाराधीन है। इसी बीच राज्य के कई हिस्सों, खासकर मराठवाड़ा और विदर्भ में कम बारिश से फसलों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को आर्थिक सहायता जारी रखने को लेकर कृषि विभाग में मंथन चल रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 25 हजार रुपये तक की कर्ज माफी पाने वाले किसानों को नमो शेतकरी योजना का लाभ मिलता रहेगा या नहीं। इस पर अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।


