पुणे : त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही मिलावटी और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की पुणे टीम ने शहर के मध्यवर्ती इलाकों में बड़ी छापेमारी करते हुए करीब 45 लाख रुपये से अधिक कीमत के संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं।
एफडीए ने गणेश पेठ, भवानी पेठ और नाना पेठ स्थित पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे खाद्य पदार्थ मिले, जिन पर गलत लेबलिंग, गलत ब्रांडिंग, संदिग्ध गुणवत्ता और आवश्यक लाइसेंस के बिना भंडारण किए जाने का संदेह है। सभी खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गणेश पेठ स्थित वर्धमान एंटरप्रायझेस से अन्ना मलाई मिठाई, इमली जेली और कैंडी सहित लगभग 2,922 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 7.83 लाख रुपये बताई गई है। वहीं न्यू पांडियन एंटरप्रायझेस से सोनपापड़ी, चिक्की और रसमलाई बर्फी सहित करीब 58 हजार रुपये का संदिग्ध खाद्य स्टॉक जब्त किया गया।
इस कार्रवाई में सबसे बड़ी जब्ती भवानी पेठ स्थित एक गोदाम से हुई। यहां से 14,326 किलोग्राम से अधिक सेंटर-फिल्ड कैंडी और चॉकलेट वेफर रोल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 36.39 लाख रुपये है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित व्यापारी के पास खाद्य व्यवसाय के लिए आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण नहीं था। इसके अलावा नाना पेठ स्थित विजय लक्ष्मी ट्रेडर्स और गोयल सेल्स कॉर्पोरेशन पर भी कार्रवाई की गई। यहां से राइस सेव, फरसान, काजू, बादाम, किशमिश, मटन मसाला और सरसों जैसे खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इन उत्पादों में गलत ब्रांडिंग और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं का संदेह जताया गया है।
एफडीए अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उत्पाद का लेबल, निर्माण एवं समाप्ति तिथि, निर्माता की जानकारी और FSSAI लाइसेंस नंबर अवश्य जांचें। बिना लेबल या संदिग्ध खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें, ताकि स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।


