गढ़चिरौली : देश की सुरक्षा करते हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के जवान सुरेश दुर्गा आंबडर ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई गोलीबारी में बीएसएफ के जवान सुरेश आंबडर शहीद हो गए। उनके वीरगति प्राप्त होने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव मरारटोला (तहसील कुरखेड़ा) समेत पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की टीम घुसपैठ रोकने के अभियान में जुटी थी। इसी दौरान संदिग्ध घुसपैठियों की ओर से अचानक गोलीबारी की गई। इस हमले में सुरेश आंबडर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। महज 35 वर्ष की उम्र में उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद सुरेश आंबडर अपने पीछे माता-पिता, भाई, पत्नी और एक छोटी बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव और जिले के लोग अपने इस वीर सपूत को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहीद जवान का पार्थिव जल्द ही उनके पैतृक गांव मरारटोला लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश की रक्षा में दिए गए उनके इस सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।


