मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कृषि, आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देते हुए कुल 5 बड़े निर्णय लिए गए। इनमें सबसे अहम फैसला 177 आकांक्षी तालुकों को 5-5 करोड़ रुपये का विशेष निधि देने का है। वहीं, नागपुर और पुणे को भी दो बड़ी सौगातें मिली हैं।
सरकार ने राज्य के संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 में प्रायोगिक आधार पर ‘आकांक्षी तालुका कार्यक्रम’ लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत चयनित 177 तालुकों को विकास कार्यों के लिए प्रत्येक को 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वर्ष 2027-28 में योजना का मूल्यांकन किया जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले तालुकों को सम्मानित भी किया जाएगा। विदर्भ के कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए नागपुर जिले के कटोल में सरकारी हॉर्टिकल्चर कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। यह कॉलेज डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला से संबद्ध होगा। यहां हर वर्ष 120 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। फल, सब्जी, फूलों की खेती और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन से जुड़े शोध को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। कॉलेज के लिए 51 नियमित पदों को भी स्वीकृति दी गई है।
आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुणे जिले के मावल तहसील के सदुंबरे में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के स्थायी बेस के लिए 3 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इससे राज्य में आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने मोझरी स्थित अखिल भारतीय श्रीगुरुदेव सेवामंडल की नागपुर के सुभाष रोड स्थित भूमि के लीज नवीनीकरण पर लगने वाले स्टांप शुल्क को माफ करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र लोकायुक्त कार्यालय के लिए 143 पदों के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम-2023 लागू होने के बाद लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र का विस्तार हुआ है, इसलिए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।


