मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आम लोगों, किसानों और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। खास बात यह रही कि राज्य में 5 नए न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा अवैध गौण खनिज उत्खनन और परिवहन पर अब पहले से 10 गुना अधिक जुर्माना लगाया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में कृषि, विधि एवं न्याय, राजस्व, ग्राम विकास और नगर विकास विभाग से जुड़े कुल 8 अहम निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी, प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
कैबिनेट के 8 बड़े फैसले
1. कृषि क्षेत्र में AI को बढ़ावा
महाअग्री-एआई नीति के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और एग्रीटेक नवाचार केंद्र में प्रबंध निदेशक (Managing Director) के पद को मंजूरी दी गई।
2. पुणे में NDPS मामलों के लिए विशेष न्यायालय
मादक पदार्थ (NDPS Act, 1985) से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पुणे में विशेष न्यायालय स्थापित किया जाएगा।
3. कर्जत (अहिल्यानगर) में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय
अहिल्यानगर जिले के कर्जत में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना और आवश्यक पदों को मंजूरी मिली।
4. कुर्डुवाड़ी (सोलापुर) में नए न्यायालय
सोलापुर के कुर्डुवाड़ी में सिविल जज जूनियर डिवीजन और प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
5. पांच जिलों में विशेष न्यायालय
अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड़ और यवतमाल में विशेष न्यायालय स्थापित होंगे।
6. आरक्षित सीटों पर चुने गए जनप्रतिनिधियों को राहत
ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति की आरक्षित सीटों से निर्वाचित प्रतिनिधियों को जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अतिरिक्त समय देने संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दी गई।
7. मुंबई रेलवे विकास महामंडल को बड़ी वित्तीय मजबूती
मुंबई रेलवे विकास महामंडल लिमिटेड की अधिकृत शेयर पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ और चुकता शेयर पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹225 करोड़ करने का फैसला लिया गया।
8. अवैध खनन पर सख्ती
महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 में संशोधन करते हुए अवैध गौण खनिज उत्खनन और परिवहन करने वालों पर अब रॉयल्टी की 10 गुना तक पेनल्टी लगाने का प्रावधान किया गया है।
इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने न्याय व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई करने का स्पष्ट संदेश दिया है।


