महाराष्ट्र में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या उसमें सुधार से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नागरिकों से विशेष मतदाता पंजीकरण शिविरों का लाभ उठाने की अपील की है। ये शिविर 10 और 11 अक्टूबर को राज्यभर में आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र नागरिकों से 12 अक्टूबर से पहले जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है। लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का वोट महत्वपूर्ण होता है। लेकिन अगर मतदाता सूची में नाम ही नहीं है, तो मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं को पंजीकरण का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
नाम नहीं है तो फॉर्म-6 भरें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को जरूरत के अनुसार वैकल्पिक वैध दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
मतदाता सूची से हटे नामों पर भी नजर
दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र में पिछले दो महीनों से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। 31 अगस्त को जारी प्रारूप मतदाता सूची में पिछली मतदाता सूची के करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए थे। ऐसे मतदाताओं को दोबारा नाम दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। ऐसे में जिन नागरिकों का नाम सूची में नहीं है या जिन्हें SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस मिला है, उनके लिए यह समय जरूरी है। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से जुड़ी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी लेकर समय पर आवेदन करना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष शिविरों का लाभ उठाएं और 12 अक्टूबर से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।


