बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारियों तक माता-पिता कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार की ‘लेक लाडकी योजना’ बेटियों वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत बन सकती है। इस योजना के तहत पात्र बेटियों को अलग-अलग चरणों में कुल 1 लाख 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब इस योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया भी पहले से आसान हो गई है। माता-पिता को आवेदन के लिए बार-बार आंगनवाड़ी केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
महाडीबीटी 2.0 पोर्टल से होगा आवेदन
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार, अब लेक लाडकी योजना के लिए महाडीबीटी 2.0 पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। पहले इसके लिए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है।
इस बदलाव से उन माता-पिता को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने में परेशानी होती थी। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इतना ही नहीं, आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या भी कम की गई है। अब अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही अपने आवेदन की स्थिति और मंजूरी से जुड़ी जानकारी भी देख सकेंगे।
पांच चरणों में मिलेंगे 1 लाख 1 हजार रुपये
लेक लाडकी योजना के तहत बेटी की उम्र और शिक्षा के अलग-अलग पड़ाव पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य परिवारों को बेटी के जन्म से लेकर उसके बड़े होने तक आर्थिक सहारा देना है।
– बेटी के जन्म पर: 5,000 रुपये
– पहली कक्षा में प्रवेश पर: 6,000 रुपये
– छठी कक्षा में प्रवेश पर: 7,000 रुपये
– ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश पर: 8,000 रुपये
– 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर: 75,000 रुपये
इस तरह पात्र बेटी को कुल 1,01,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि अलग-अलग चरणों में दी जाती है, जिससे बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों में परिवार को मदद मिल सके।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं।
– बेटी का जन्म 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद हुआ होना चाहिए।
– परिवार महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए।
– परिवार के पास पीला या नारंगी राशन कार्ड होना जरूरी है।
– परिवार को सरकार की ओर से निर्धारित आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
इन शर्तों को पूरा करने वाले परिवार योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
करीब 3 लाख बेटियों को मिला पहला लाभ
योजना को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, अब तक 2 लाख 98 हजार 695 लाभार्थियों को पहली किस्त का लाभ मिल चुका है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू होने से अब अधिक पात्र परिवारों तक इस योजना की जानकारी और लाभ पहुंचने की उम्मीद है। बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की चिंता हर माता-पिता को रहती है। ऐसे में सरकार की यह आर्थिक सहायता परिवारों के लिए एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है। अब आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से उम्मीद है कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ लेने के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।


