मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026’ के तहत पात्र किसानों की पहली सूची जारी कर दी है। पहले चरण में राज्य के 7 जिलों के 532 पात्र किसानों के नाम पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। सरकार का कहना है कि आधार सत्यापन पूरा होने के बाद कर्जमाफी की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने बताया कि राज्य सरकार ने करीब 56 लाख पात्र किसान परिवारों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस योजना के लिए सरकार ने पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया है और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व डिजिटल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल किसानों का कर्ज माफ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक बोझ कम कर उन्हें फिर से मजबूती के साथ खेती करने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के तहत 30 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, 12 राष्ट्रीयकृत बैंक और अन्य निजी बैंकों सहित कुल 53 बैंकों ने किसानों के ऋण खातों की जानकारी महाआयटी द्वारा विकसित पोर्टल पर अपलोड की है। जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के ऋण खातों का ऑडिट भी पूरा कर लिया गया है। सरकार ने पात्र और अपात्र दोनों तरह के लाभार्थियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई है। अपात्र सूची में वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि, स्थानीय स्वराज संस्थाओं के पदाधिकारी, सरकारी व अर्धसरकारी कर्मचारी, कृषि के अलावा अन्य आय पर आयकर देने वाले व्यक्ति तथा सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सभी आंकड़ों के डिजिटल सत्यापन के बाद पात्र किसानों की अंतिम सूची तैयार की गई है।
पात्र किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत, संबंधित बैंक शाखा और सहकारी संस्थाओं में भी लाभार्थियों की सूची उपलब्ध रहेगी। सरकार प्रत्येक लाभार्थी को एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) देगी। किसान आधार नंबर या इस विशेष आईडी के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण करा सकेंगे। इसके लिए राज्यभर के लगभग 32 हजार ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ पर सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि, इससे पहले किसानों के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।आधार सत्यापन पूरा होते ही पात्र किसानों के बैंक खातों में कर्जमाफी की राशि सीधे डीबीटी के जरिए जमा कर दी जाएगी। सहकार विभाग के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से जुड़े सभी पात्र किसानों की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद व्यावसायिक बैंकों के पात्र किसानों को भी योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


