नागपुर : किडनी और यूरिनरी ट्रैक्ट में पथरी से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। हिंगणा रोड स्थित लता मंगेशकर हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विभाग में अब अत्याधुनिक होल्मियम : YAG लेजर तकनीक से किडनी स्टोन का इलाज शुरू हो गया है। इस तकनीक की खास बात यह है कि मरीज को बिना चीरा लगाए पथरी निकाली जा सकती है, जिससे दर्द कम होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ हो जाता है।
अस्पताल के अनुसार, इस आधुनिक लेजर तकनीक से रक्तस्राव बेहद कम होता है, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी घटती है और मरीज जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों को यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. स्वानंद चौधरी ने बताया कि होल्मियम लेजर तकनीक ने किडनी स्टोन के इलाज में नई दिशा दी है। अब अधिकांश मरीजों को ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज कराने से किडनी को होने वाले गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
वहीं, एनकेपी साल्वे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सजल मित्रा ने इस उपलब्धि पर यूरोलॉजी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस नई तकनीक के शुरू होने से अब मध्य भारत के मरीजों को अत्याधुनिक, सुरक्षित और कैशलेस इलाज की सुविधा अपने ही शहर में मिल सकेगी।


