महाराष्ट्र में एसटी बस से सफर करने वाली महिलाओं और अन्य पात्र यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) को लेकर आ रही तकनीकी परेशानियों और ग्रामीण क्षेत्रों में कम पंजीकरण को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) ने कार्ड की अनिवार्यता में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। अब 7 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक पात्र यात्रियों को NCMC कार्ड के बिना भी एसटी बसों में रियायती दर पर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।
इस फैसले से उन महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो कार्ड बनवाने या उसे सक्रिय कराने की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना कर रहे थे। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाली कई महिलाओं तक इस योजना की पूरी जानकारी नहीं पहुंच पाई थी। ऐसे में उन्हें सरकारी यात्रा छूट का लाभ लेने में दिक्कत हो रही थी।
1 जनवरी 2027 से फिर लागू होगी अनिवार्यता
एसटी महामंडल के फैसले के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 तक NCMC कार्ड की अनिवार्यता शिथिल रहेगी। इसके बाद 1 जनवरी 2027 से रियायती यात्रा के लिए कार्ड की शर्त फिर से लागू होगी। यानी यात्रियों को इस अवधि में कार्ड बनवाने और प्राप्त करने का पर्याप्त समय दिया गया है।
कार्ड की अनिवार्यता से यात्रियों की बढ़ी थी परेशानी
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को रियायती टिकट लेने के लिए NCMC कार्ड अनिवार्य किया गया था। लेकिन कार्ड का पंजीकरण, उसे सक्रिय करने और इस्तेमाल करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण कई यात्रियों को परेशानी हुई। कुछ पात्र यात्रियों को रियायती टिकट के बजाय पूरा किराया देकर सफर करना पड़ा।
इसका असर एसटी महामंडल के राजस्व पर भी दिखाई दिया। सितंबर में महामंडल को प्रतिदिन औसतन 33 करोड़ रुपये की आय हो रही थी, जो अक्टूबर में घटकर करीब 28 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि, इस गिरावट के पीछे NCMC कार्ड की अनिवार्यता ही एकमात्र कारण होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक 1.10 करोड़ कार्ड का पंजीकरण
महामंडल के अनुसार, अब तक करीब 1.10 करोड़ NCMC कार्ड का पंजीकरण और वितरण किया जा चुका है। सितंबर तक पंजीकरण कराने वाले यात्रियों में से लगभग 71 प्रतिशत को कार्ड मिल चुके थे। अमृत वरिष्ठ नागरिकों में कार्ड वितरण का आंकड़ा 78 प्रतिशत रहा, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 69 प्रतिशत था। महिलाओं के पंजीकरण और कार्ड वितरण का प्रतिशत कम रहने के पीछे ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी और सुविधाओं की कमी भी एक वजह मानी जा रही है।
गांवों तक पहुंचेंगी पंजीकरण सुविधाएं
महामंडल ने अब 31 दिसंबर तक सभी पात्र यात्रियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और कार्ड वितरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, यात्री संगठनों और ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
सरकार की ओर से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य सामाजिक वर्गों को एसटी यात्रा में रियायत दी जाती है। इस सुविधा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए NCMC कार्ड की व्यवस्था शुरू की गई थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों को देखते हुए महामंडल ने फिलहाल नियमों में राहत दी है। फिलहाल इस फैसले से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें कार्ड नहीं मिल पाया है। अब बिना कार्ड के भी रियायती सफर का मौका है, लेकिन 1 जनवरी 2027 से पहले कार्ड बनवाना जरूरी होगा।


