महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की लाभार्थी महिलाएं सितंबर और अक्टूबर की किस्त का इंतजार कर रही हैं। दिवाली से पहले महिलाओं के खातों में पैसे आने की उम्मीद के बीच एक अहम अपडेट सामने आई है। सरकार ने सितंबर महीने की किस्त के लिए 344.62 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल है कि इस बार खाते में 1500 रुपये आएंगे या फिर दो महीने की किस्त मिलाकर 3000 रुपये मिलेंगे?
सितंबर की किस्त के लिए 344.62 करोड़ रुपये मंजूर
लाडकी बहीण योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि से महिलाएं घर के छोटे-मोटे खर्च पूरे करने के साथ ही अपनी जरूरतों को पूरा कर सकती हैं। त्योहारों के समय इस आर्थिक मदद का महत्व और भी बढ़ जाता है। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर महीने की किस्त के भुगतान के लिए 344.62 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग को यह राशि आवंटित करने की अनुमति दी गई। यह फंड अनुसूचित जाति घटक के तहत पात्र महिलाओं को योजना का लाभ देने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
₹1500 मिलेंगे या ₹3000?
सितंबर और अक्टूबर की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके खाते में एक महीने के पैसे आएंगे या दो महीने की राशि एक साथ जमा होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, सितंबर महीने की 1500 रुपये की किस्त जारी करने के लिए फंड मंजूर किया गया है। यानी इस अपडेट के आधार पर महिलाओं को 3000 रुपये मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। अक्टूबर महीने की किस्त को लेकर भी अलग से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
दिवाली से पहले खाते में आ सकते हैं पैसे
दिवाली के मौके पर घर की खरीदारी, मिठाई, कपड़े और दूसरे जरूरी सामानों पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में लाडकी बहीण योजना की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए यह आर्थिक सहायता राहत दे सकती है। हालांकि, सितंबर महीने की किस्त की राशि खातों में किस तारीख को जमा होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं आई है। इसलिए लाभार्थी महिलाओं को भुगतान की तारीख और राशि से जुड़ी सरकारी घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।
ध्यान दें: फिलहाल उपलब्ध जानकारी सितंबर की 1500 रुपये की किस्त के लिए फंड मंजूर होने से संबंधित है। दिवाली से पहले पैसा खाते में आने की तारीख और अक्टूबर की किस्त को लेकर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।


