महाराष्ट्र में संभावित सूखे की स्थिति से निपटने और पानी की उपलब्धता बेहतर बनाए रखने के लिए मध्य रेल ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नागपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले आमला रेलवे जलाशय की सफाई, गाद निकालने और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इस काम के बाद जलाशय की भंडारण क्षमता पहले के मुकाबले लगभग 3.5 गुना बढ़ गई है। इससे रेलवे की पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
93.75 से बढ़कर 331.95 मिलियन लीटर हुई क्षमता
आमला रेलवे जलाशय में लगभग 300 मीटर × 198.5 मीटर क्षेत्र में औसतन 4 मीटर की गहराई तक गाद निकाली गई। इस प्रक्रिया के बाद जलाशय की भंडारण क्षमता 93.75 मिलियन लीटर से बढ़कर 331.95 मिलियन लीटर हो गई है। यानी अब जलाशय में लगभग 238.2 मिलियन लीटर (23.82 करोड़ लीटर) अतिरिक्त पानी जमा किया जा सकेगा। पानी की बढ़ी हुई भंडारण क्षमता का फायदा यह होगा कि उपलब्ध जल को अधिक प्रभावी ढंग से संचित किया जा सकेगा। संभावित सूखे जैसी परिस्थितियों में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गाद निकालने के साथ जल गुणवत्ता सुधारने पर जोर
जलाशय से लगभग 2.38 लाख घन मीटर गाद हटाई गई। इससे जलाशय की सफाई के साथ पानी की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी। रेलवे की ओर से यह कार्य पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई और रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप किया गया है। इसके अलावा, जलाशय से जुड़ी संरचनाओं को बेहतर बनाने के लिए भी मरम्मत कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें जल प्रवेश कुएं की मरम्मत, 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लास्टर का काम और 20 मीटर लंबे मार्ग का निर्माण या सुधार शामिल है।
जल संरक्षण के साथ रेलवे की जरूरतों पर भी ध्यान
महाराष्ट्र में संभावित सूखे की आशंका को देखते हुए पानी का संरक्षण और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में आमला रेलवे जलाशय की क्षमता बढ़ाने का काम रेलवे के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। जलाशय की बेहतर स्थिति और बढ़ी हुई भंडारण क्षमता से पानी की उपलब्धता बनाए रखने तथा रेलवे की परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
मध्य रेल ने इस काम को अपने स्वच्छता प्रयासों से भी जोड़ा है। जलाशय की सफाई और गाद हटाने से स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता पखवाड़ा और विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों को भी मजबूती मिली है। मध्य रेल के अनुसार, रेलवे की बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव, जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है।


