पालघर : पालघर के रिलीफ (रेलवे) अस्पताल के कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला अब राजनीतिक स्तर पर भी तूल पकड़ चुका है। घटना का वीडियो सामने आने और पुलिस कार्रवाई के बाद शिवसेना ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सात नेताओं और पदाधिकारियों को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए नेताओं में पालघर जिलाप्रमुख कुंदन संखे, शहरप्रमुख राहुल घरत और पालघर के विधायक राजेंद्र गावित के पुत्र रोहित गावित समेत कुल सात लोग शामिल हैं। पार्टी की इस कार्रवाई से पालघर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
कर्मचारी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल
अस्पताल कर्मचारी के साथ मारपीट के दौरान शहरप्रमुख राहुल घरत द्वारा कथित तौर पर कर्मचारी के कान पर थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पालघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल घरत को गिरफ्तार किया। इस मामले में कुंदन संखे और राहुल घरत समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ पालघर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ जारी है।
एकनाथ शिंदे ने पहले ही दी थी चेतावनी
घटना को गंभीरता से लेते हुए शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया था कि पार्टी किसी भी तरह की मारपीट का समर्थन नहीं करती। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया था। इसके बाद पार्टी ने सात पदाधिकारियों को निलंबित कर अपना रुख साफ कर दिया। पुलिस जांच के साथ-साथ पार्टी की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पद या राजनीतिक पहचान के बावजूद अनुशासनहीनता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वहीं, शिवसेना की इस कार्रवाई के बाद पालघर की राजनीति में इस मामले को लेकर हलचल और बढ़ गई है।


