नागपुर : पुलिस से बचने के लिए अपराधी अक्सर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन नागपुर में मकोका के एक वॉन्टेड आरोपी ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए डिलीवरी बॉय का रूप ही बदल लिया। वह डिलीवरी एजेंट की टी-शर्ट और ड्रेस पहनकर शहर में घूम रहा था। हालांकि, वाहन चोरी की जांच के दौरान गणेशपेठ पुलिस ने आखिरकार उसे दबोच लिया।
गणेशपेठ पुलिस वाहन चोरी के मामलों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अजनी इलाके की एक कमरे में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बुधवार को इलाके में घेराबंदी कर छापा मारा। इस कार्रवाई में जगदीश गोखले और उसके साथी ऋषभ कावड़े पुलिस के हाथ लग गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जगदीश गोखले कोई सामान्य वाहन चोर नहीं, बल्कि शनिचरा बाजार गँगवार और फायरिंग मामले में मकोका के तहत फरार मुख्य आरोपी है। इसके बाद पुलिस ने उससे वाहन चोरी के साथ ही फायरिंग मामले को लेकर भी पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए बना था डिलीवरी बॉय
शनिचरा बाजार फायरिंग मामले के बाद पुलिस की नजरों से बचने के लिए जगदीश ने अपनी पहचान छिपाने का तरीका निकाला। बताया जा रहा है कि वह डिलीवरी बॉय की टी-शर्ट और ड्रेस पहनकर गणेशपेठ और आसपास के इलाकों में घूमता था। पुलिस के मुताबिक, डिलीवरी बॉय के वेश में घूमने के दौरान वह कथित तौर पर वाहनों की रेकी करता था और चोरी के लिए दोपहिया वाहनों को निशाना बनाता था। इस तरह वह एक तरफ पुलिस को चकमा दे रहा था, तो दूसरी तरफ वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था।
वाहन चोरी की जांच में खुला बड़ा राज
गणेशपेठ इलाके में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को अजनी में संदिग्धों के ठहरने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और जगदीश गोखले को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल गणेशपेठ पुलिस उससे तीन वाहन चोरी के मामलों के साथ-साथ शनिचरा बाजार गँगवार में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पाचपावली पुलिस के हवाले किया जाएगा।
डेढ़ महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा
दरअसल, 15 जुलाई को कमाल चौक स्थित शनिचरा बाजार इलाके में वर्चस्व को लेकर अजय चिंचखेडे और जगदीश गोखले के गुटों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद गँगवार में बदल गया। इसी दौरान बिट्टू चावड़े नामक आरोपी द्वारा खुलेआम फायरिंग किए जाने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
इस मामले में पाचपावली पुलिस ने मामला दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन जगदीश गोखले लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। करीब डेढ़ महीने बाद वाहन चोरी की जांच के दौरान आखिरकार पुलिस ने उसका पता लगा लिया। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि डिलीवरी बॉय के भेष में रहते हुए उसने कितनी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया और शनिचरा बाजार फायरिंग मामले में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।


