नागपुर विश्वविद्यालय में अब मिलेगा ‘कुलपति पदक’, 10 लाख रुपये से होगा मेधावी छात्रों का सम्मान

पढ़ाई के साथ नेतृत्व, नवाचार, खेल और सामाजिक योगदान को भी मिलेगी पहचान

नागपुर : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए अब सिर्फ पढ़ाई में अच्छे अंक हासिल करना ही उपलब्धि का पैमाना नहीं होगा। छात्रों के नेतृत्व, नवाचार, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय में अब ‘कुलपति पदक’ प्रदान किया जाएगा।

महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा की पहल पर शुरू किए जा रहे इस उपक्रम के लिए बुधवार को मुंबई स्थित लोकभवन में विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर को 10 लाख रुपये का प्रतीकात्मक धनादेश प्रदान किया गया।

छात्रों की प्रतिभा को मिलेगा बड़ा मंच

‘कुलपति पदक’ का उद्देश्य छात्रों की बहुआयामी प्रतिभा को पहचान देना है। इस सम्मान के लिए केवल शैक्षणिक प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नवाचार, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उपलब्धियां, सामाजिक जिम्मेदारी और विश्वविद्यालय के लिए विशेष योगदान जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने पदक के लिए छात्रों के चयन में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण मापदंड तय करने पर जोर दिया है। इससे उन छात्रों को भी आगे आने का अवसर मिलेगा, जो पढ़ाई के साथ समाज और विश्वविद्यालय के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।

उद्योग से जुड़कर रोजगार के लिए तैयार होंगे छात्र

कार्यक्रम के दौरान ‘इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एंड डिजिटल लर्निंग : इंडस्ट्री-अकादेमिया कोलैबोरेशन फॉर इम्प्रूविंग एम्प्लॉयबिलिटी’ उपक्रम का भी शुभारंभ किया गया। राज्यपाल ने बदलते रोजगार बाजार को देखते हुए विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास, शोध और नवाचार के माध्यम से रोजगार के लिए तैयार करने की बात कही गई। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों की बुनियादी जानकारी छात्रों को देने पर भी जोर दिया गया।

नागपुर विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण

‘कुलपति पदक’ के लिए महाराष्ट्र के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय का चयन हुआ है। विश्वविद्यालय के लिए यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता को मिली महत्वपूर्ण पहचान मानी जा रही है।

10 लाख रुपये के अनुदान से शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ ज्ञान निर्माण, सामाजिक सेवा और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छात्रों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को अपनी प्रतिभा को केवल कक्षा तक सीमित न रखते हुए समाज के लिए कुछ बेहतर करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस प्रतिष्ठित पहल के लिए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, डॉ. प्रकाश ईटणकर, डॉ. संभाजी भोसले, डॉ. शालिनी लिहितकर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं पूर्व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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