नागपुर : इंदिरा गांधी शासकीय मेडिकल कॉलेज (IGGMC) परिसर में छात्रों को चाय, नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने वाली बालाजी कैंटीन (डॉक्टर्स कैंटीन) पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जांच के दौरान कैंटीन के पास खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वैध लाइसेंस नहीं पाया गया। इसके अलावा स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां भी सामने आईं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सुधाकर देशपांडे ने 25 अगस्त 2026 को IGGMC परिसर स्थित कैंटीन का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कैंटीन में मेडिकल कॉलेज के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए चाय, नाश्ता, भोजन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ तैयार कर बेचे जा रहे थे। कैंटीन के संचालक पियुष रविंद्र लारोकर हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें 10 अक्टूबर 2025 से कैंटीन के लिए जगह किराये पर दी गई थी। निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस व्यवसाय, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के परिशिष्ट-4 में निर्धारित स्वच्छता एवं हाइजीन नियमों का पालन नहीं करना, कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं होना, पीने के पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होना और कर्मचारियों के मेडिकल जांच संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना जैसी कमियां पाई गईं।
IGGMC जैसे मेडिकल कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग कैंटीन के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सभी कमियां दूर होने तक कैंटीन का व्यवसाय बंद रखने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के मार्गदर्शन तथा नागपुर विभाग के सह आयुक्त जयपुरकर के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सहायक आयुक्त शहा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल देशपांडे शामिल रहीं।


