नागपुर : पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र राज्य कला अकादमी, मुंबई और शासकीय कला एवं अभिकल्प महाविद्यालय, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में लक्ष्मीनगर स्थित शासकीय कला एवं अभिकल्प महाविद्यालय में ‘अपना बप्पा… अपने हाथों से बनाएं’ संकल्पना के तहत पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कुल 74 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और शाडू मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला में छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ कला प्रेमियों तक विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की उत्स्फूर्त भागीदारी देखने को मिली। नागपुर के शिल्पकार एवं मूर्तिकार मोक्तिक काटे ने अपने सहयोगियों परशुराम चव्हाण, शिवम कुंभार और प्रफुल डेकाटे के साथ प्रतिभागियों को गणेश प्रतिमा निर्माण की बारीकियां सिखाईं। इस दौरान प्रतिभागियों को शाडू मिट्टी के उपयोग, गणेश प्रतिमा बनाने की पूरी प्रक्रिया और पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति निर्माण के महत्व के बारे में प्रायोगिक तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को गणेशोत्सव के महत्व के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रा. गणेश बोबडे और मूर्तिकार मोक्तिक काटे के हाथों दीप प्रज्वलित कर किया गया। पु. ल. देशपांडे अकादमी की ओर से स्थानीय समन्वयक एवं कला शिक्षक प्रशिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख प्रफुल्ल नायसे ने कार्यशाला के संपूर्ण आयोजन एवं नियोजन की जिम्मेदारी संभाली। इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चों, वरिष्ठ कलाकारों और कला प्रेमियों में सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। शाडू मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव मनाने का संदेश भी दिया गया।


