अमरावती : अमरावती के जिला महिला अस्पताल (डफरीन अस्पताल) के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (SNCU) में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में नवजात बच्चों की मौत से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य प्रवीण पोटे पाटील ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रवीण पोटे पाटील ने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने मासूम बच्चों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई किसी भी चीज से नहीं हो सकती। उन्होंने इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा, “यह आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति करने का समय नहीं है। यह उन माता-पिता को हिम्मत देने का समय है, जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खोया है।”
घायल बच्चों के इलाज के लिए हरसंभव मदद का भरोसा
पोटे पाटील ने कहा कि हादसे में मृत बच्चों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उपचाराधीन बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है। उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर और सरकार की ओर से भी आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के बाद आग लगने की वास्तविक वजह और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित चूकों की जानकारी सामने आएगी। इसके बाद अस्पतालों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा जरूरी दीर्घकालीन कदम उठाए जाने चाहिए।
“इस समय संवेदना और मदद सबसे जरूरी”
पोटे पाटील ने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वक्त राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय पीड़ित परिवारों को मानसिक सहारा देना और घायल बच्चों को तत्काल एवं बेहतर उपचार दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। मासूम बच्चों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित माता-पिता के साथ खड़ा होना और उन्हें हरसंभव मदद देना ही सबसे बड़ी संवेदनशीलता है।


