मुंबई : महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य के करीब 9.78 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.80 करोड़ नाम ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में बताए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होने की संभावना है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम के अनुसार, अब तक करीब 77.77 प्रतिशत गणना फॉर्म का डिजिटायजेशन पूरा हो चुका है। वहीं, लगभग 18.46 प्रतिशत फॉर्म अनकलेक्टेबल पाए गए हैं। इनमें अपने पते पर नहीं मिलने वाले, अनुपस्थित, दूसरे स्थान पर चले गए, मृत और दोहरी मतदाता सूची में दर्ज नाम शामिल हैं।
चार दिन बाकी, मतदाताओं से फॉर्म भरने की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक गणना फॉर्म जमा नहीं किया है, वे बचे हुए समय में इसे जरूर पूरा करें। करीब चार प्रतिशत फॉर्म का डिजिटायजेशन अभी बाकी है। 24 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। संबंधित प्रक्रिया के तहत फॉर्म नंबर 6 भरकर नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
मुंबई में करीब 30 लाख नाम प्रभावित होने की आशंका
मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिलों में स्थिति और भी महत्वपूर्ण है। यहां गणना फॉर्म के डिजिटायजेशन का काम करीब 63 प्रतिशत पूरा हुआ है, जबकि लगभग 29 प्रतिशत मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में हैं। यानी मुंबई में करीब 30 लाख मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में नहीं दिखने की संभावना है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची में सुधार और बदलाव की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसलिए प्रारूप सूची जारी होने तक आंकड़ों में बदलाव संभव है।
राजनीतिक दलों की भूमिका भी अहम
मतदाता सूची पुनरीक्षण में बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO की मदद के लिए राजनीतिक दलों ने बूथ लेवल एजेंट यानी BLA नियुक्त किए हैं। शुरुआत में करीब एक लाख BLA थे, लेकिन अब यह संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है। प्रारूप सूची जारी होने के बाद BLA की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। चुनाव विभाग ने राजनीतिक दलों से अधिक संख्या में BLA नियुक्त कर प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। मतदाता के लिए सबसे जरूरी बात: 24 अगस्त को प्रारूप सूची जारी होने के बाद अपना नाम जरूर जांचें। नाम नहीं मिलने पर पात्र मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के जरिए नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा।


