पुणे : पुणे शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ ट्रैफिक जाम की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। इसी पार्श्वभूमि पर अब कोथरूड के सुतारदरा से पाषाण के बीच नया भूमिगत मार्ग बनाने की दिशा में पुणे महानगरपालिका ने कदम बढ़ाए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही सलाहकार नियुक्त किया जाएगा और उसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
महापालिका के विकास आराखड़े में पहले सुतारदरा-पाषाण पंचवटी और पत्रकारनगर-पंचवटी के बीच सुरंग का प्रस्ताव था। हालांकि, पंचवटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान पहुंचने और पहाड़ी का हिस्सा काटने की आशंका के चलते इस मार्ग में बदलाव किया गया है। अब लोयोला स्कूल के पास से सुरंग निकालने का प्रस्ताव है। इसके बाद नए रास्ते को पाषाण रोड से जोड़ा जाएगा। इससे कोथरूड, सेनापति बापट रोड और आनंद ऋषिजी चौक जैसे इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विरोध के बाद बदला गया मार्ग
पहले प्रस्तावित मार्ग में पेड़ों की कटाई और पहाड़ी काटने का मुद्दा सामने आया था। पर्यावरण से जुड़े संभावित विरोध को देखते हुए महापालिका ने मार्ग में बदलाव किया है। वहीं, पाषाण से पत्रकारनगर और सेनापति बापट रोड के बीच प्रस्तावित सुरंग को एचसीएमटीआर परियोजना के कारण मौजूदा योजना से बाहर रखा गया है। पुणे में लंबे समय से लंबित हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर) को आगे बढ़ाने के साथ ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में सुरंगों के जरिए यातायात व्यवस्था सुधारने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। भोसरी-उंड्री, भूगांव-राजाराम पुल और हिंगणे-तलजाई के बीच भी सुरंगों के प्रस्ताव पर काम चल रहा है।
जल्द तैयार होगा डीपीआर
महापालिका प्रशासन के अनुसार, कोथरूड-सुतारदरा-पाषाण सुरंग के डीपीआर के लिए अगले एक महीने में सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद करीब तीन महीने में डीपीआर तैयार कर महापालिका को सौंपने का लक्ष्य है। रिपोर्ट जनवरी-फरवरी में सामने आने की उम्मीद जताई गई है। पुणेकरों के लिए यह प्रोजेक्ट केवल एक नया रास्ता नहीं, बल्कि रोजाना के ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद भी है। हालांकि, अंतिम तस्वीर डीपीआर, तकनीकी जांच और परियोजना की व्यवहार्यता सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


