नागपुर : अवयवदान के महत्व को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से एनकेपी साळवे वैद्यकीय महाविद्यालय और लता मंगेशकर हॉस्पिटल, हिंगणा रोड, नागपुर की ओर से बुधवार को भव्य अवयवदान जनजागृती रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ उपअधिष्ठाता एवं वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. नितीन देवस्थळे ने हरी झंडी दिखाकर किया।
रैली के माध्यम से अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों को अवयवदान के प्रति जागरूक किया गया। डॉक्टरों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने हाथों में जनजागृती संदेश लिखे फलक लेकर लोगों से अवयवदान के लिए आगे आने की अपील की। इस रैली में एनकेपी साळवे वैद्यकीय महाविद्यालय, लता मंगेशकर हॉस्पिटल, रणजीत देशमुख दंत महाविद्यालय, वीएसपीएम कॉलेज ऑफ फिजियोथेरपी और माधुरीबाई देशमुख कॉलेज ऑफ नर्सिंग एज्युकेशन के डॉक्टर, शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। अवयवदान केवल एक सामाजिक पहल नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी खत्म होने के बाद भी दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम है। हृदय, यकृत, किडनी और फेफड़ों जैसे अंगों के दान से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को जीवनदान मिल सकता है। वहीं नेत्रदान किसी व्यक्ति की जिंदगी में दोबारा रोशनी ला सकता है। इसी मानवीय पहलू को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास रैली के माध्यम से किया गया।
अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य संदेश था— ‘अवयवदान करें और लोगों की जान बचाएं।’ समाज में अवयवदान को लेकर मौजूद भ्रांतियों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करना इस अभियान का उद्देश्य रहा। रैली में अस्पताल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ. अनुज तिवारी, उपअधीक्षक डॉ. सुश्रुत फुलारे, किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. निलेश राघोर्टे, डॉ. मोहित कुरुंदवाडकर, ऑन्को सर्जन डॉ. जनक थडाणी, इंटेन्सिविस्ट डॉ. राकेश ढोके, मेट्रन रीटा जॉन और अवयव प्रत्यारोपण समन्वयक कांचन शेवडे सहित अन्य मान्यवर उपस्थित रहे। रैली को पुलिस विभाग का भी सहयोग मिला। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक साथ आकर चलाया गया यह अभियान समाज में अवयवदान के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।


