नागपुर : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) में रविवार को “नशा मुक्त युवा : विकसित भारत संकल्प अभियान” का आयोजन किया गया। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से देशभर के युवाओं से संवाद किया और उन्हें नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने कहा कि देश की छवि को नई ऊंचाई देने की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उसके सपनों, करियर और पूरे परिवार का भविष्य प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में शिक्षा और अच्छे संस्कारों को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉ. क्षीरसागर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी अच्छी आदत विकसित करने के लिए लगातार 21 दिनों तक प्रयास करना जरूरी है। यदि युवा इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें तो वे न केवल अपने जीवन को सही दिशा दे सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
ऑनलाइन संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2047 के विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा तन और मन से स्वस्थ रहेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान से देश की 125 से अधिक आध्यात्मिक, सामाजिक संस्थाएं और एनजीओ जुड़ चुके हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशामुक्ति का संदेश स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत केवल एक युवा का भविष्य नहीं बिगाड़ती, बल्कि पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। उन्होंने अगले 100 रविवार तक इस जनजागरण अभियान को लगातार चलाने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में प्र-कुलपति डॉ. अखिलेश पेशवे, प्रभारी कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, वित्त एवं लेखा अधिकारी हरीश पालीवाल, माय भारत के निदेशक सौरभ निषाद तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के निदेशक डॉ. सोपानदेव पिसे सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और समाज में इस संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।


