नागपुर : गडचिरोली के गोंडवाना विद्यापीठ को आने वाले समय में एक नई और भव्य पहचान मिलने जा रही है। विद्यापीठ के नए परिसर को केवल आज की जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य की शैक्षणिक और शोध संबंधी जरूरतों को देखते हुए विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को अधिकारियों को इसी दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
गडचिरोली में गोंडवाना विद्यापीठ के लिए 186 एकड़ जमीन पर नया परिसर विकसित किया जा रहा है। इस परिसर में शैक्षणिक संकुल, प्रशासनिक इमारत और विद्यार्थियों के लिए छात्रावास जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। नए परिसर की योजना के संबंध में मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने प्रस्तुति भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिसर में गोंड वास्तुकला की समृद्ध विरासत को बनाए रखते हुए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का समावेश किया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में शिक्षा और शोध के बढ़ते अवसरों को देखते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
गडचिरोली में औद्योगिक विकास के लिए वातावरण तैयार हो रहा है। ऐसे में यहां के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और शोध के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यापीठ में बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर मुख्यमंत्री ने जोर दिया। राज्य के अर्थ एवं नियोजन राज्यमंत्री एड. आशिष जयस्वाल ने भी विद्यापीठ की इमारत को आसपास के प्राकृतिक वातावरण के साथ सामंजस्य रखने वाली और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने की बात कही।
27 लाख वर्गफुट में होगा निर्माण
गोंडवाना विद्यापीठ का नया परिसर 186 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। यहां करीब 27 लाख वर्गफुट निर्माण की क्षमता उपलब्ध है। परिसर में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार करने के साथ ही इसे पर्यावरणपूरक और हरित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूरे परिसर के विकास के लिए करीब 1,100 करोड़ रुपये का विकास आराखड़ा तैयार किया गया है। इसमें से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अब तक 157 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। गोंडवाना विद्यापीठ का यह नया परिसर सिर्फ इमारतों का समूह नहीं, बल्कि गडचिरोली के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा, शोध और भविष्य के अवसरों का नया केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


