नागपुर : नागपुर के ऐतिहासिक डॉ. हेडगेवार निवास को अब भारतीय डाक विभाग ने एक विशेष पहचान दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के इस ऐतिहासिक निवास पर आधारित विशेष आवरण , सूचनापुस्तिका और स्थायी सचित्र डाक मुहर का लोकार्पण समारोह नागपुर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का जीवन राष्ट्रकार्य और संघ कार्य को समर्पित था। यही वह ऐतिहासिक स्थान है, जहां भवन की ऊपरी मंजिल स्थित छोटी-सी कोठरी में विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। उस समय संघ की शुरुआत सीमित स्तर पर हुई थी, लेकिन आज उसका कार्य देश और विदेश तक पहुंच चुका है। डॉ. भागवत ने कहा कि संघ की कार्यपद्धति का केंद्र व्यक्ति निर्माण है। आज दुनिया के कई देशों में इस कार्यपद्धति को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ रही है। समाज के लिए संस्कारवान, सक्षम और सेवाभावी नागरिकों का निर्माण करना संघ के कार्य का प्रमुख उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के बढ़ते विस्तार को केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए। संघ ने कभी प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि समाज सेवा को अपना आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी किया गया विशेष आवरण और डाक मुहर इस ऐतिहासिक स्थान और उससे जुड़े विचारों को अधिक लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। इस अवसर पर डॉ. भागवत ने भारतीय डाक विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से डॉ. हेडगेवार के जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा के कार्यों को नई पहचान मिलेगी।
समारोह में प्रांत सह संघचालक श्रीधर गाडगे, महानगर संघचालक राजेश लोया, डॉ. सुधीर जाखेरे, डाक सेवाएं नागपुर क्षेत्र के निदेशक रामचंद्र जायभाये, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल महाराष्ट्र एवं गोवा परिमंडल के अधिकारी, डाक विभाग के कर्मचारी तथा डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. हेडगेवार निवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि इतिहास और विचारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है। भारतीय डाक विभाग की यह पहल इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


