सांगली : कृष्णा नदी बेसिन में लगातार हो रही बारिश के कारण कर्नाटक का अलमट्टी डैम जुलाई के आखिर तक ही 96 फीसदी भर चुका है। डैम का जलस्तर 519.32 मीटर तक पहुंचने से महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और कृष्णा नदी किनारे बसे इलाकों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक के राज्यपालों की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय किया गया था कि 15 अगस्त तक अलमट्टी डैम का जलस्तर 517 से 517.50 मीटर के बीच रखा जाएगा, ताकि अगस्त में भारी बारिश होने की स्थिति में अतिरिक्त पानी संग्रहित किया जा सके। हालांकि फिलहाल डैम का जलस्तर तय सीमा से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिससे इस फैसले के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।बुधवार शाम 5 बजे तक डैम में 68,515 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई, जबकि 80,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। डैम की कुल क्षमता 123.08 टीएमसी है, जिसमें फिलहाल 118.22 टीएमसी पानी मौजूद है। यानी डैम लगभग पूरी क्षमता तक भर चुका है।
पिछले कुछ वर्षों में कृष्णा नदी में आई बाढ़ से सांगली और कोल्हापुर जिलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में इस बार भी यदि अगस्त में तेज बारिश होती है तो डैम से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ना पड़ सकता है, जिससे महाराष्ट्र के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। कृष्णा नदी महापूर नियंत्रण समिति के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक दिवाण ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए अलमट्टी डैम का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध संचालन बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्यपालों की बैठक में लिए गए निर्णयों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
अलमट्टी डैम की मौजूदा स्थिति
कुल क्षमता: 123.08 टीएमसी
मौजूदा जलसंग्रह: 118.22 टीएमसी
डैम भरा: 96%
वर्तमान जलस्तर: 519.32 मीटर
पानी की आवक: 68,515 क्यूसेक
पानी का डिस्चार्ज: 80,000 क्यूसेक
15 अगस्त तक तय जलस्तर: 517–517.50 मीटर
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिरोल क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हिप्परगी बैराज के सभी गेट खोलकर अलमट्टी डैम से पानी का नियंत्रित डिस्चार्ज बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि कर्नाटक प्रशासन का कहना है कि एल नीनो के कारण उनके क्षेत्र में बारिश कम हुई है और अभी अधिक पानी छोड़ने से भविष्य में जल संकट की स्थिति बन सकती है।


