नागपुर : नागपुर जिले के सावनेर के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित गैस आधारित उर्वरक (फर्टिलाइजर) परियोजना को अब नई गति मिल गई है। गेल (GAIL) और राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) के बीच हुए सामंजस्य करार (MoU) के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
29 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में GAIL के कार्यकारी निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट एवं स्टार्ट-अप) संजय अग्रवाल और RCF की कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट, कॉर्पोरेट एवं कोऑर्डिनेशन) ज्योति पाटिल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर GAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दीपक गुप्ता तथा RCF के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस. शिवकुमार भी मौजूद रहे। प्रस्तावित परियोजना के तहत विशेष उद्देश्य कंपनी (SPV) के माध्यम से पहले चरण में 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष (MMTPA) क्षमता वाला अत्याधुनिक यूरिया उत्पादन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट GAIL की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के पास बनाया जाएगा, जिससे देश में उर्वरक उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना से सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। उन्हें समय पर उर्वरकों की उपलब्धता होगी, कीमतों में स्थिरता आएगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। वहीं, परियोजना के शुरू होने से विदर्भ में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। सावनेर में इस परियोजना को लाने के लिए विधायक डॉ. आशिष देशमुख लंबे समय से लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार, GAIL के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के साथ लगातार बैठकें और पत्राचार कर इस परियोजना के लिए मजबूत पैरवी की। उनके प्रयासों और राज्य सरकार की पहल के बाद अब यह परियोजना निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विधायक डॉ. आशिष देशमुख ने कहा कि यह परियोजना केवल सावनेर ही नहीं, बल्कि पूरे विदर्भ के विकास की नई पहचान बनेगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार भी व्यक्त किया।


