मुंबई : महाराष्ट्र सरकार की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026’ अब तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि कर्ज के बोझ से परेशान किसी भी किसान को अब आत्महत्या जैसा कदम उठाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए कर्जमाफी योजना का लाभ हर पात्र किसान तक समय पर पहुंचना जरूरी है।
मंत्रालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सहकार विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे भी मौजूद रहे। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी जाएगी। इसके साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (OTS) और नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। योजना से करीब 32 लाख किसानों को कर्जमाफी और 24 लाख नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ मिलने की उम्मीद है।
पहले चरण में 17 लाख कर्ज खातों की सूची जारी
योजना के पहले चरण में लगभग 16.96 लाख कर्ज खातों की सूची आधार सत्यापन के लिए जारी कर दी गई है। इनमें जिला मध्यवर्ती बैंकों के 7.03 लाख और वाणिज्यिक बैंकों के 9.93 लाख खाते शामिल हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले 15 दिनों के भीतर दूसरी सूची भी जारी कर दी जाएगी।
राशि में अंतर होने पर क्या होगा?
कुछ किसानों ने शिकायत की है कि बैंक की सूची और पोर्टल पर दिखाई गई बकाया राशि में अंतर है। इस पर सहकार विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक पोर्टल पर दर्ज बकाया राशि ही मान्य होगी। साथ ही, 1 अप्रैल 2026 के बाद का ब्याज किसानों से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि सभी बैंकों ने इस संबंध में सरकार को लिखित सहमति दे दी है।
ऐसे मिलेगी कर्जमाफी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें कर्जमाफी की रसीद मिलेगी। इसके बाद लाभ की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके कर्ज खाते में जमा की जाएगी। कर्जमुक्त होने पर किसानों को कर्ज बेबाकी प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन के लिए नया फसल ऋण भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
शिकायत के लिए जिला स्तर पर समिति
यदि किसी किसान को पोर्टल पर दर्ज राशि या अन्य जानकारी पर आपत्ति है, तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। इन शिकायतों का निपटारा जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति करेगी।
NPA खातों पर बैंकों को मिलेगी विशेष राहत
सरकार ने एनपीए खातों के निपटारे के लिए बैंकों को ‘हेयर कट’ की सुविधा भी दी है। एनपीए की अवधि के आधार पर बैंकों को 35% से 85% तक तडजोड़ राशि का लाभ मिलेगा, जिससे कर्जमाफी प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।


