आषाढ़ी एकादशी का पर्व भगवान विठ्ठल की भक्ति और व्रत-उपवास के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन कई लोग फलाहार करते हैं और दिनभर ऊर्जा देने वाले व्यंजन पसंद करते हैं। अगर आप इस बार उपवास में साबूदाना खिचड़ी या वड़ा की जगह कुछ नया बनाना चाहते हैं, तो राजगिरा पराठा एक बेहतरीन विकल्प है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।
- सामग्री
– 2 कप राजगिरा का आटा
– 2 उबले आलू (मैश किए हुए)
– 2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
– 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
– 1 छोटा चम्मच जीरा
– सेंधा नमक स्वादानुसार
– 1–2 बड़े चम्मच घी
– आवश्यकता अनुसार गुनगुना पानी
- बनाने की विधि
सबसे पहले एक बाउल में राजगिरा का आटा, मैश किए हुए आलू, हरी मिर्च, जीरा, हरा धनिया और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर प्लास्टिक शीट या बटर पेपर की मदद से हल्के हाथों से बेलें। गर्म तवे पर दोनों तरफ घी लगाकर सुनहरा होने तक सेकें। गरमा-गरम राजगिरा पराठा दही, व्रत वाली मूंगफली की चटनी या आलू की फलाहारी सब्जी के साथ परोसें।
- खास टिप
राजगिरा के आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए इसमें उबले आलू मिलाने से पराठा आसानी से बेलता है और टूटता नहीं। तवे पर मध्यम आंच पर सेंकने से पराठा नरम और स्वादिष्ट बनता है।
इस आषाढ़ी एकादशी पर घर में यह आसान और हेल्दी राजगिरा पराठा बनाकर व्रत के स्वाद को और भी खास बनाएं।


