नागपुर : शहर के उमरेड रोड स्थित सिरसपेठ क्षेत्र में रविवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां सीताराम मंडल की ओर से बाहुला-बाहुली (गुड्डे-गुड़िया) का पारंपरिक विवाह समारोह पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। इस अनोखे आयोजन में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोक-संस्कृति की झलक देखने को मिली।
विवाह समारोह की तैयारियां एक दिन पहले ही शुरू हो गई थीं। पारंपरिक तरीके से हरा मंडप सजाया गया और विवाह की सभी प्रारंभिक रस्में निभाई गईं। महिलाओं को चूड़ियां भेंट कर विवाह का निमंत्रण दिया गया, जिसके बाद हल्दी समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। विवाह के दिन बाहुला और बाहुली को आकर्षक पारंपरिक परिधानों से सजाया गया। ढोल-ताशों की गूंज के बीच निकली बारात ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस अनोखी बारात में शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ समारोह का आनंद लिया।
मंगलाष्टकों के बीच विवाह की सभी पारंपरिक रस्में पूरी की गईं। इसके बाद भावुक माहौल में विदाई की रस्म भी निभाई गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों के लिए सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक-संस्कृति से जोड़ने और सामाजिक एकता का संदेश देने का भी माध्यम बना। परंपराओं को जीवंत रखने की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।


