मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, सहकारी चीनी मिलों और आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सहकारी चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन देने, सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन के लिए ‘महा-टैक’ कक्ष बनाने और हरेगांव के किसानों की जमीन मूल मालिकों को वापस करने जैसे फैसलों को मंजूरी दी गई।
चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन, किसानों की FRP पर फोकस
सहकारी चीनी मिलों को आर्थिक सहारा देने के लिए सरकार ने सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह राशि 2025-26 के गन्ना पेराई सीजन की बकाया FRP चुकाने और 2026-27 के आगामी पेराई सीजन की तैयारियों के लिए उपयोगी होगी। इस फैसले से आर्थिक परेशानी से जूझ रही सहकारी चीनी मिलों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी FRP की राशि समय पर मिलने का रास्ता भी आसान होगा।
सरकारी योजनाओं पर नजर रखेगा ‘महा-टैक’
सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक कितना पहुंच रहा है, इसका मूल्यांकन करने के लिए ‘महाराष्ट्र तकनीकी सहायता कक्ष (महा-टैक)’ स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। ‘आईआईएम मुंबई’ और ‘योजना व नीतिविषयक अनुसंधान केंद्र’ के सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत एक साल में सरकार की 25 प्रमुख नीतियों और 25 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का गहराई से मूल्यांकन किया जाएगा। इससे योजनाओं में जरूरी सुधार करने और फैसले लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
हरेगांव के किसानों को मिलेगी जमीन
अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर तालुका स्थित हरेगांव के किसानों के लिए भी मंत्रिमंडल का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महाराष्ट्र राज्य कृषि महामंडल के कब्जे में मौजूद जमीनें मूल मालिकों को वापस करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए ‘महाराष्ट्र शेत जमीन अधिनियम, 1961’ में आवश्यक संशोधन करने को मंजूरी दी गई है। लंबे समय से जमीन से जुड़े मामले का सामना कर रहे किसानों के लिए यह फैसला राहत देने वाला है।
मंत्रिमंडल के अन्य अहम फैसले
– महाराष्ट्र साहित्य परिषद की नासिक शाखा को अध्ययन कक्ष और पुस्तकालय के लिए लीज एग्रीमेंट के पंजीकरण पर पूरी तरह स्टांप शुल्क माफी दी गई है। यह निर्णय नासिक महानगरपालिका की इमारत के लिए लागू होगा।
– वर्धा जिले की आर्वी नगर परिषद को व्यावसायिक परिसर बनाने के लिए 6,240.30 वर्ग मीटर सरकारी जमीन मुफ्त में हस्तांतरित करने को मंजूरी दी गई है।
– महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, 1965 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
– मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप प्रोजेक्ट के अध्यक्ष कार्यालय के लिए 4 नए पद बनाने और संबंधित खर्च को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
कुल मिलाकर, मंत्रिमंडल के इन फैसलों में किसानों की आर्थिक परेशानी, सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता और स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े मुद्दों पर खास ध्यान दिया गया है।


