विशाखापत्तनम : भारत की समुद्री ताकत लगातार मजबूत हो रही है और भारतीय नौसेना देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ रणनीतिक शक्ति का भी अहम आधार बन रही है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को विशाखापत्तनम में ईस्टर्न नेवल कमांड की ओर से आयोजित बरखाना में नौसेना के जवानों और उनके परिवारों से मुलाकात के दौरान यह बात कही।
राजनाथ सिंह ने नौसेना के जवानों के समर्पण और साहस की सराहना करते हुए कहा कि देश की समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले इन जवानों के पीछे उनके परिवारों का भी बड़ा योगदान है। जब जवान लंबे समय तक समुद्र में देश की सेवा कर रहे होते हैं, तब उनके परिवार घर की जिम्मेदारियां संभालते हैं। उन्होंने जवानों और उनके परिवारों के इस त्याग को देश की महत्वपूर्ण ताकत बताया। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना ने बदलते सुरक्षा माहौल के साथ खुद को लगातार मजबूत किया है। स्वदेशी विमानवाहक पोत, परमाणु पनडुब्बियां, स्टील्थ फ्रिगेट और स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता को दर्शाती हैं। उन्होंने साफ किया कि नौसेना की ताकत केवल आधुनिक जहाजों और तकनीक में नहीं, बल्कि उसके जवानों के पेशेवर रवैये, देशभक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता में भी है।
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने 1971 के युद्ध और ऑपरेशन ट्राइडेंट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कराची बंदरगाह पर भारतीय नौसेना की कार्रवाई ने यह साबित किया था कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना न केवल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा कर सकती है, बल्कि दुश्मन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता भी रखती है। उन्होंने कहा कि भारत को समुद्र को केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। समुद्र आर्थिक विकास, रणनीतिक प्रभाव और राष्ट्रीय समृद्धि का भी बड़ा माध्यम बन सकता है। भारत को समुद्र से समृद्धि और शक्ति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
बरखाना के दौरान रक्षामंत्री ने नौसेना के परिवारों के साथ आत्मीय माहौल में बातचीत की। उन्होंने कहा कि साथ बैठकर भोजन करना केवल भूख मिटाने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनापन और रिश्ते मजबूत करने का एक तरीका भी है। इसी भावना के साथ बरखाना रक्षा बलों के जवानों, उनके परिवारों और नेतृत्व के बीच जुड़ाव को मजबूत करता है। राजनाथ सिंह ने नौसेना के जवानों को देश की ताकत और युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि जवानों की मेहनत, साहस और परिवारों के सहयोग से भारत एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।


