वैजापुर : खाने के तेल जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजों की गुणवत्ता और साफ-सफाई सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में वैजापुर तालुका के गंगापुर रोड स्थित ‘मेसर्स भाग्योदय एग्रो इंडस्ट्रीज’ के ऑयल रिपैकिंग यूनिट में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। FDA की टीम ने 2 अक्टूबर को यूनिट का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।
अन्न सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा प्रमोद सुरसे के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान परिसर में काफी अस्वच्छता पाई गई। इसके अलावा पीने के पानी की जांच नहीं कराई गई थी। खाद्य तेल के लिए स्टेनलेस स्टील की टंकियों के बजाय लोहे की टंकियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। कर्मचारियों के पास जरूरी सुरक्षा सामग्री की भी कमी पाई गई। जांच के दौरान निर्धारित मानकों के अनुसार यूनिट को 86 में से केवल 36 अंक मिले। इसके चलते यूनिट को ‘अपात्र’ घोषित किया गया। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित लाइसेंस को तत्काल निलंबित कर दिया।
FDA की कार्रवाई में 10,798 किलो तेल का स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 23 लाख 32 हजार 455 रुपये बताई गई है। यह स्टॉक निकृष्ट और दिशाभूल करने वाला (Misbranded) पाया गया। खाद्य तेल सीधे लोगों की रसोई और रोजाना के भोजन का हिस्सा है। ऐसे में उत्पादन और पैकिंग के दौरान स्वच्छता व गुणवत्ता के नियमों का पालन नहीं होना गंभीर मामला माना जा रहा है। FDA की इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।


