मुंबईकरों को ट्रैफिक से मिलेगी राहत! मरीन ड्राइव से ऑरेंज गेट का सफर होगा सिर्फ 5 मिनट में

Mumbai Tunnel Project: 8,056 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा भूमिगत टनल, 1 किलोमीटर की खुदाई पूरी; जून 2028 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य।

मुंबई जैसे व्यस्त शहर में ट्रैफिक जाम के कारण कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में भी काफी समय लग जाता है। ऑफिस जाने वाले हों, रोजाना यात्रा करने वाले लोग हों या जरूरी काम से घर से निकलने वाले नागरिक, सड़क पर बिताया गया अतिरिक्त समय हर किसी के लिए परेशानी बन जाता है। लेकिन अब मुंबईकरों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक बनने वाले भूमिगत टनल प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एक किलोमीटर टनल की खुदाई पूरी हो चुकी है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मौजूदा सड़क मार्ग से लगने वाला 22 से 40 मिनट का सफर घटकर महज 5 से 7 मिनट रह सकता है।

 8,056 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा टनल

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) इस परियोजना को अमलीजामा पहना रहा है। करीब 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में लगभग 7 किलोमीटर का भूमिगत टनल शामिल है। इसका उद्देश्य ईस्टर्न फ्रीवे को कोस्टल रोड और मरीन ड्राइव से सीधे जोड़ना है, ताकि दक्षिण मुंबई में आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक से राहत मिल सके। इस प्रोजेक्ट का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कर रही है। टनल की खुदाई के दौरान अब तक 526 लाइनिंग रिंग्स लगाकर एक किलोमीटर का काम पूरा किया गया है।

 टनल के अंदर होंगी दो-दो लेन

इस परियोजना में दो स्वतंत्र भूमिगत टनल बनाए जा रहे हैं। दोनों टनल में दो-दो ट्रैफिक लेन के साथ एक आपातकालीन लेन की व्यवस्था होगी। किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दोनों टनल के बीच हर 300 मीटर पर क्रॉस पैसेज बनाए जाएंगे। यह टनल मेट्रो लाइन-3 और रेलवे लाइन के नीचे से गुजरेगा। इसकी गहराई जमीन से लगभग 12 से 52 मीटर तक होगी। खास बात यह है कि इसके ऊपर करीब 700 आवासीय इमारतें और ऐतिहासिक धरोहर वाले क्षेत्र मौजूद हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके के नीचे निर्माण करना इस परियोजना को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है।

 जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना को पूरा करने की आधिकारिक समयसीमा दिसंबर 2028 है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसे जून 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब निर्माण कार्य की रफ्तार पर सबकी नजर रहेगी।

अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो मुंबईकरों को सिर्फ कुछ मिनटों में एक प्रमुख मार्ग पार करने की सुविधा मिल सकती है। इससे यात्रा का समय बचने के साथ दक्षिण मुंबई की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रैफिक से वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह टनल शुरू होने और सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बाद ही स्पष्ट होगा।

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