नाशिक : महाराष्ट्र के नाशिक जिले के मालेगांव में सामने आए सुपारी घोटाला मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में विभाग के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मंत्री नरहरी झिरवाळ और FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद विभागीय कामकाज में कथित अनियमितताओं का मामला फिर चर्चा में आ गया है।
11 ट्रक सुपारी जब्त, कीमत करीब 10 करोड़ रुपये
मिली जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी 2024 को FDA के खुफिया विभाग ने मालेगांव में सुपारी से भरे 11 ट्रक जब्त किए थे। इन ट्रकों में कुल 1,605 बोरियों में सुपारी रखी हुई थी। इस सुपारी की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई थी। जांच में यह सुपारी खाने योग्य नहीं पाई गई थी। इसके बाद न्यायालय ने सुपारी को नष्ट करने के आदेश दिए थे। बताया गया कि FDA के पांच अधिकारियों ने सुपारी नष्ट करने की प्रक्रिया के संबंध में नाशिक विभाग के सहायक आयुक्त वी. पी. पाटील को मौखिक रूप से जानकारी देने का उल्लेख किया था।
सहायक आयुक्त के बयान से खुला मामला
इस पूरे मामले में उस समय सवाल खड़े हो गए, जब सहायक आयुक्त वी. पी. पाटील से इस संबंध में पूछताछ की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुपारी नष्ट करने के आदेश के बारे में किसी भी अधिकारी ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी थी।इसके बाद मामले की जांच में पांचों अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
मंत्री झिरवाळ और आयुक्त मुंढे की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री नरहरी झिरवाळ और FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने पांचों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। मंत्री झिरवाळ ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित उपाय किए जाने की बात भी कही गई है।
निलंबित किए गए पांच अधिकारी
इस मामले में निलंबित अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं :
1. अ. र. दाभाडे — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खुफिया विभाग, नाशिक
2. अ. उ. रासकर — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नाशिक
3. गो. वि. कासार — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नाशिक
4. यो. रो. देशमुख — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नाशिक
5. श्रीम. सु. दे. महाजन — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नाशिक
मालेगांव सुपारी घोटाला मामले में हुई इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में रिकॉर्ड की पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।


