पुणे : महाराष्ट्र को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के लिए देश का अग्रणी और सबसे पसंदीदा राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में GCC के लिए जरूरी मजबूत और व्यापक इकोसिस्टम पहले से मौजूद है। राज्य का लक्ष्य ₹50 हजार करोड़ का निवेश आकर्षित करना है।
पुणे के होटल कॉनराड में मंगलवार (11 अगस्त) को आयोजित GCCProJ लीडरशिप समिट में मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह बात कही। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, महापौर मंजूषा नागपुरे, मुख्यमंत्री के निवेश एवं नीति सलाहकार कौस्तुभ धवसे, GCCProJ के मुख्य सलाहकार निलेश देशमुख सहित उद्योग जगत के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
मुंबई-पुणे के साथ अन्य शहरों पर भी नजर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत यहां उपलब्ध विविध औद्योगिक और प्रतिभा-आधारित इकोसिस्टम है। मुंबई में मजबूत वित्तीय और व्यावसायिक आधार है, जबकि पुणे इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और कुशल मानव संसाधन के लिए अपनी अलग पहचान बना चुका है। वहीं नागपुर, नाशिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में भी ग्लोबल क्षमता वाले विशेषीकृत केंद्र विकसित करने की क्षमता है। ऐसे में कंपनियों के सामने केवल एक शहर में निवेश करने का विकल्प नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों की प्रतिभा, कौशल और औद्योगिक क्षमताओं का लाभ उठाने का अवसर है।
नवाचार और रिसर्च का वैश्विक केंद्र बने महाराष्ट्र
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षा सिर्फ GCC के ऑपरेशनल सेंटर तक सीमित रहने की नहीं है। राज्य को नवाचार, रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और अत्याधुनिक तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पुणे की मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और कुशल युवाशक्ति के कारण एआई, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, एडवांस्ड इंजीनियरिंग और R&D जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर तैयार हो रहे हैं।
2026 के अंत तक पुणे देश का नेतृत्व करेगा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुणे की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुणे ने वर्ष 2025 में GCC क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है और 2026 के अंत तक पुणे इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। पिछले वर्ष की तुलना में पुणे में GCC केंद्रों की संख्या में दोगुनी वृद्धि होने की बात भी उन्होंने कही। महाराष्ट्र सरकार के इस विजन से राज्य के प्रमुख शहरों में निवेश, रोजगार और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


