मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी तक, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सहकारी संस्थाओं के संचालन में बदलाव से लेकर वाहन चालकों को राहत, विद्यार्थियों के भत्ते में बढ़ोतरी और कृषि क्षेत्र के विकास तक कई मुद्दे शामिल हैं।
कैबिनेट के फैसलों में सबसे अहम निर्णय उन सहकारी संस्थाओं को लेकर है, जिनका सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है। अब ऐसी संस्थाओं की प्रबंधन समितियों में सरकार की ओर से पांच सदस्यों को नामित किया जाएगा। इनमें एक सहायक निबंधक स्तर या उससे ऊपर का अधिकारी और संस्था के कामकाज का अनुभव रखने वाले चार व्यक्ति शामिल होंगे।
खास बात यह है कि सरकारी अधिकारी को मतदान का अधिकार नहीं होगा, जबकि अन्य चार नामित सदस्यों को संचालक मंडल में वोट देने का अधिकार मिलेगा। हालांकि, ये चार सदस्य संस्था के पदाधिकारी पद के चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यह व्यवस्था जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगी।
18 सहकारी संस्थाओं को प्रशासक से राहत
सहकारिता क्षेत्र से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। जिन ‘अ’ वर्ग की सहकारी संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और सूखे की स्थिति के कारण जिन संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया स्थगित है, ऐसी 18 संस्थाओं पर प्रशासक नियुक्त नहीं किए जाएंगे। इससे इन संस्थाओं के कामकाज को लेकर एक अलग व्यवस्था का रास्ता खुलेगा।
वाहन चालकों को चालान में मिलेगी राहत
वाहन चालकों के लिए भी कैबिनेट ने राहत का रास्ता खोला है। महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस चालान अभय योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत लंबित चालान की राशि पर एकमुश्त भुगतान करने पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिल सकेगी। यानी जिन वाहन मालिकों पर पुराने चालान का बोझ है, उन्हें बकाया चुकाने का एक मौका मिलेगा।
विद्यार्थियों और पशु चिकित्सा छात्रों के लिए खुशखबरी
छात्रों के हित में भी दो बड़े फैसले लिए गए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है। अब विभागीय स्तर के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये और जिला स्तर के छात्रावासों में रहने वालों को 1,300 रुपये मिलेंगे।
वहीं, महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में भी बढ़ोतरी की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालयों में सेवाएं देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसका लाभ पशुपालकों और किसानों तक भी पहुंचने की उम्मीद है।
न्याय व्यवस्था और नागपुर को भी मिली सौगात
न्यायिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पालघर जिले के तलासरी, मोखाडा और विक्रमगढ़ में तीन ग्राम न्यायालय स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा नांदेड़ जिले के मुखेड में वरिष्ठ स्तर का नियमित दिवाणी न्यायालय स्थापित किया जाएगा।
नागपुर जिले के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कामठी तहसील के बिडगांव तरोडी (खुर्द) पांढुर्णा नगर पंचायत को प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए 1 हेक्टेयर 86 आर जमीन देने की मंजूरी दी गई है। इससे नगर पंचायत को अपने प्रशासनिक कामकाज के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधा मिल सकेगी।
इन फैसलों पर भी लगी मुहर
गोंदिया शहर में नीलामी या पट्टे पर आवास के लिए दी गई जमीनों को मुफ्त में वर्ग-1 में परिवर्तित करने की मंजूरी दी गई है। वहीं, मुंबई के सिद्धिविनायक गणपति मंदिर न्यास द्वारा खरीदी गई राम मेंशन इमारत पर लगने वाला स्टांप शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया है। इससे मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलाधिकारी और कुलगुरु पद से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसमें कुलाधिकारी के कार्यकाल और आयु सीमा की शर्त हटाने तथा कुलगुरु को पुनर्नियुक्ति के योग्य बनाने का प्रावधान शामिल है।कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ी घोषणा हुई है। डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के नागपुर स्थित कृषि महाविद्यालय की दाभा परिसर की जमीन पर अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 644 करोड़ 63 लाख रुपये के प्रस्तावित आराखड़े को मंजूरी दी गई है।
आम जनता से लेकर किसानों और विद्यार्थियों तक असर
कुल मिलाकर, राज्य मंत्रिमंडल के इन 12 फैसलों का दायरा काफी व्यापक है। कहीं वाहन चालकों को पुराने चालान से राहत मिलने वाली है, तो कहीं छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद मिलेगी। नागपुर के लिए कृषि सुविधा केंद्र और नगर पंचायत भवन का निर्णय भी महत्वपूर्ण है। अब इन फैसलों का वास्तविक लाभ संबंधित लोगों तक कितनी जल्दी पहुंचता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।


