नई दिल्ली : भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से शुरू हुई इस खास ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे भारत की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं।
रेल मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस हाइड्रोजन ट्रेन का वीडियो साझा किया, जिसे देखकर लोगों में गर्व की भावना देखने को मिल रही है। यह ट्रेन सिर्फ एक नया परिवहन साधन नहीं, बल्कि भविष्य के पर्यावरण अनुकूल सफर की शुरुआत मानी जा रही है।
डीजल नहीं, हाइड्रोजन से दौड़ेगी ट्रेन
आमतौर पर भारतीय रेलवे में डीजल या बिजली से चलने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल होता है, लेकिन यह हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक के मामले में पूरी तरह अलग है। ट्रेन की छत पर लगाए गए हाइड्रोजन फ्यूल सेल हाइड्रोजन और हवा में मौजूद ऑक्सीजन की मदद से बिजली तैयार करते हैं। इसी ऊर्जा से ट्रेन आगे बढ़ती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ट्रेन चलने के दौरान कोई जहरीला धुआं नहीं निकलता। इसके एग्जॉस्ट से केवल पानी की बूंदें और भाप निकलती है, जिससे यह पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल मानी जा रही है।
जींद से सोनीपत तक शुरू होगा सफर
शुरुआती चरण में यह हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी। यह ट्रेन ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ के तहत विकसित की गई है और इसकी अधिकतम गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई जा रही है। पूरी तरह एसी कोच वाली इस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसमें सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक दरवाजे और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली लगाई गई है।
भारत की ग्रीन टेक्नोलॉजी की ओर बड़ी छलांग
हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। यह उपलब्धि भारत के हरित परिवहन और शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारतीय रेलवे आने वाले समय में पर्यटन और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ऐसी करीब 35 और हाइड्रोजन ट्रेनों को शुरू करने की योजना बना रहा है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक देश में प्रदूषण कम करने और यात्रियों को आधुनिक सफर का अनुभव देने में अहम भूमिका निभा सकती है।


