पिंपरी : हिंजवडी-माण से शिवाजीनगर तक बनने वाले मेट्रो मार्ग से रोजाना सफर करने वाले आईटी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। आईटी कंपनियों के कार्यालयों को सीधे मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए पादचारी पुल यानी फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इससे कर्मचारियों को स्टेशन से कंपनी के कार्यालय तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा।
मेट्रो मार्ग का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है और यात्री सेवा शुरू करने के लिए व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस मार्ग का सबसे ज्यादा फायदा हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है।
एक कंपनी ने दी तत्त्वतः मंजूरी
महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) और पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड (PITCMRL) की ओर से प्रमुख आईटी कंपनियों से संपर्क किया गया है। कुल पांच कंपनियों को प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से एक कंपनी ने तत्त्वतः मंजूरी दे दी है। यह कंपनी दो जगहों पर पादचारी पुल बनाने की तैयारी करेगी। इन पुलों के लिए खंभे खड़े करने को आवश्यक जमीन MIDC की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। वहीं, अन्य चार कंपनियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
चार लाख 50 हजार कर्मचारियों को हो सकता है फायदा
हिंजवडी आईटी पार्क और आसपास की कंपनियों से भी इस संबंध में बातचीत की गई है। अगर अन्य कंपनियां भी प्रस्ताव को मंजूरी देती हैं, तो उनके कार्यालयों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने की योजना बनाई जा सकती है। हिंजवडी-माण से शिवाजीनगर मेट्रो के पहले चरण में माण डेपो से शिवाजीनगर तक 23 में से 17 स्टेशन शामिल हैं। इनमें माण डेपो से हिंजवडी फेज-1 तक आईटी पार्क क्षेत्र में 8 स्टेशन हैं। इस पूरे क्षेत्र में करीब 4 लाख 50 हजार कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में मेट्रो स्टेशन और कंपनियों के कार्यालयों के बीच सीधी कनेक्टिविटी कर्मचारियों के रोजाना सफर को काफी सुविधाजनक बना सकती है।


