पुणे : गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि में पुणे में DJ और तेज आवाज वाले ध्वनिवर्धकों के खिलाफ शुरू हुई नागरिकों की मुहिम को भारत अगेन्स्ट करप्शन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत पाटील ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह जनचळवळ किसी धार्मिक उत्सव के विरोध में नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते अतिरेक के खिलाफ नागरिकों की आवाज है।
पाटील ने कहा कि गणेशोत्सव समाज को जोड़ने वाला और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा पर्व है। लेकिन जब DJ और लाउडस्पीकर की आवाज हद से ज्यादा बढ़ जाती है, तो उसका असर केवल उत्सव स्थल तक सीमित नहीं रहता। आसपास रहने वाले विद्यार्थियों, बुजुर्गों, मरीजों, छोटे बच्चों और रोजमर्रा के काम करने वाले नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धा व्यक्त करने के लिए कर्णकर्कश आवाज की जरूरत नहीं होती। पुणे के नागरिकों ने इसी समस्या को लेकर DJ के अतिरेक के खिलाफ आवाज उठाई है। यह आंदोलन उत्सव के खिलाफ नहीं, बल्कि उत्सव के नाम पर होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ है।
परंपरा के रंग में हो गणेशोत्सव
पुणे का गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में DJ की तेज आवाज की प्रतिस्पर्धा करने के बजाय पारंपरिक वाद्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक उपक्रम और जनजागृति के माध्यम से उत्सव को अधिक अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पुणेकरों से गणेशोत्सव को पारंपरिक और सांस्कृतिक तरीके से मनाने की अपील का भी हेमंत पाटील ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की भूमिका परंपरा, संस्कृति और नागरिकों के हित के बीच संतुलन बनाने वाली है और यह समाज के लिए भी दिशादर्शक है।
पाटील ने मांग की कि ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा केवल गणेशोत्सव तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सभी सार्वजनिक उत्सवों के लिए समान नियम बनाए जाएं और उनका प्रभावी रूप से पालन कराया जाए। उत्सव का आनंद बना रहे, लेकिन इसके साथ नागरिकों के स्वास्थ्य, शांति और सार्वजनिक अनुशासन की भी रक्षा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्सव को बड़ा बनाने के लिए तेज आवाज जरूरी नहीं है। उत्सव की असली भव्यता लोगों की भागीदारी, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं में होती है। पाटील ने पुणेकरों से ध्वनि प्रदूषणमुक्त और सांस्कृतिक गणेशोत्सव का आदर्श पूरे महाराष्ट्र के सामने रखने की अपील की।


