नागपुर : गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच नागपुर में अब डीजे और तेज लेजर लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। पुणे के बाद नागपुर में भी इस मुद्दे को लेकर नागरिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेता संदीप जोशी ने भी डीजे और लेजर लाइट पर प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन किया है।
इस पहल को नागरिकों और कई गणेश मंडलों की ओर से सकारात्मक प्रतिसाद मिलने का दावा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि उत्सव खुशी और आस्था का अवसर है, लेकिन इसकी वजह से बुजुर्गों, मरीजों, बच्चों और आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
तेज आवाज से किसे सबसे ज्यादा परेशानी?
गणेशोत्सव के दौरान कई जगहों पर निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतें सामने आती हैं। लगातार तेज आवाज के कारण बुजुर्गों और बीमार लोगों के साथ-साथ छोटे बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, तेज लेजर लाइटों को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। संदीप जोशी ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उत्सव हमारी आस्था और आनंद के प्रतीक हैं, लेकिन उत्सव मनाते समय दूसरों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति का भी ध्यान रखना जरूरी है।
अब मंडलों से भी आगे आने की अपील
नागपुर के कई गणेश मंडलों और नागरिकों की ओर से इस पहल को समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब गणेश मंडलों से भी खुद आगे आकर डीजे-मुक्त और सुरक्षित गणेशोत्सव मनाने की अपील की जा रही है। गणेशोत्सव में ढोल-ताशे, पारंपरिक वाद्य और अन्य शांतिपूर्ण माध्यमों से भी उत्साह और भक्ति का माहौल बनाया जा सकता है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या तेज आवाज और लेजर लाइट के बिना भी उत्सव का आनंद और उत्साह बरकरार रखा जा सकता है? इस पहल के समर्थकों का जवाब है—हां।
उत्सव भी रहे, सुकून भी बना रहे
गणेशोत्सव लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा पर्व है। ऐसे में उत्सव का आनंद सभी के लिए हो, यही इस मुहिम के पीछे की भावना बताई जा रही है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में डीजे और लेजर लाइट पर प्रतिबंध की यह मांग किस तरह आगे बढ़ती है और गणेश मंडल इस दिशा में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।


