पिझ्झा में मिले कीड़े, मॅप्रो गार्डन को नोटिस; FSSAI की अचानक जांच

लोणावला के मॅप्रो गार्डन में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

पिंपरी : लोणावला के वाळवण स्थित प्रसिद्ध मॅप्रो गार्डन में ग्राहक को परोसे गए पिझ्झा में कीड़े मिलने का दावा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मामले का संज्ञान लिया है। FSSAI के पश्चिम विभागीय अधिकारियों ने मॅप्रो फूड्स के परिसर का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य स्वच्छता और सैनिटरी मानकों के पालन में गंभीर कमियां सामने आने का दावा किया गया है। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया है।

अगस्त की शुरुआत में, 2 से 3 अगस्त के दौरान एक ग्राहक ने पिझ्झा में कीड़े होने का दावा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो सामने आने के बाद पर्यटकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद FSSAI अधिकारियों ने मॅप्रो गार्डन का निरीक्षण किया। जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों के शेड्यूल-4 के तहत आवश्यक स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सैनिटरी मानकों के पालन में कमियां पाए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नोटिस जारी किया गया है। साथ ही दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पर्यटकों की भारी भीड़, इसलिए मामला गंभीर

मॅप्रो गार्डन लोणावला आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। सामान्य दिनों में यहां रोजाना करीब 5 से 7 हजार पर्यटकों के आने की जानकारी है। वहीं शनिवार-रविवार, राष्ट्रीय अवकाश और गर्मी तथा दिवाली की छुट्टियों के दौरान यह संख्या 20 हजार से भी अधिक पहुंच जाती है। ऐसे में यहां परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे तौर पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है।

1959 में हुई थी मॅप्रो की शुरुआत

मॅप्रो फूड्स की शुरुआत 1959 में महाबलेश्वर के पास गुरेघर से हुई थी। इसके बाद 1978 में ‘मॅप्रो’ ब्रांड की शुरुआत हुई। पर्यटकों को खाद्य पदार्थों के साथ एक खास अनुभव देने के उद्देश्य से 1989 में महाबलेश्वर क्षेत्र में मॅप्रो गार्डन की शुरुआत की गई। बाद में इस अवधारणा का विस्तार लोणावला तक हुआ। अब इसी लोकप्रिय मॅप्रो गार्डन में ग्राहक को दिए गए पिझ्झा में कीड़े मिलने के दावे और FSSAI की जांच के बाद खाद्य स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यटक भी उम्मीद कर रहे हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर संबंधित प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।

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