नागपुर : अमृत योजना के काम के बाद शहर की सड़कों की बदहाली से परेशान नागपुरकरों की समस्या अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंच गई है। नाग नदी प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में गडकरी ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि काम के बाद सड़कें पहले जैसी नहीं हुईं, तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा और लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
रविवार को महाल स्थित कार्यालय में नाग नदी प्रोजेक्ट को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान प्रोजेक्ट के काम, सड़क खुदाई, नदी किनारे अतिक्रमण हटाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर लीला हाथीबेड सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
अमृत योजना की गलतियां दोहराने से बचने के निर्देश
नाग नदी प्रोजेक्ट के तहत सीवेज ट्रीटमेंट और सीवर लाइन का काम पांच चरणों में किया जाएगा। इसमें तीन नए एसटीपी बनाए जाएंगे, जबकि दो पुराने एसटीपी का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस काम के दौरान पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, मध्य और पूर्व नागपुर के कई हिस्सों में सड़कें खोदी जाएंगी।
पिछली अमृत योजना के दौरान सड़कें खोदे जाने के बाद उन्हें समय पर ठीक नहीं किए जाने से नागरिकों को काफी परेशानी हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए गडकरी ने इस बार आधुनिक मशीनों और बेहतर तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क खोदने के बाद उसे उसी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूर्ववत किया जाना चाहिए।
सड़क के नीचे की पाइपलाइन और केबल का भी बनेगा मैप
बैठक में सड़क के नीचे मौजूद पाइपलाइन, केबल और अन्य यूटिलिटी की जानकारी उपलब्ध होने का मुद्दा भी उठाया गया। गडकरी ने यूटिलिटी मैपिंग की व्यवस्था करने पर जोर दिया, ताकि बार-बार सड़क खोदने की नौबत न आए। उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सड़क के नीचे सभी प्रकार की पाइपलाइनों के लिए कॉमन डक्ट बनाने का सुझाव भी दिया। इससे आने वाले वर्षों में अलग-अलग कामों के लिए बार-बार सड़क खोदने की समस्या कम हो सकती है।
नाग नदी किनारे रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की तैयारी
नाग नदी के किनारे 15 मीटर के दायरे में आने वाली अनधिकृत बस्तियों और झोपड़पट्टियों को हटाया जाना प्रस्तावित है। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए फिलहाल करीब 2,500 घरों की जरूरत होने की जानकारी मनपा आयुक्त ने बैठक में दी। इस पर गडकरी ने मनपा और नासुप्र की खाली जमीनों का सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने करीब 5,000 घरों की व्यवस्था की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में परेशानी न हो।
नाग नदी का प्रदूषण रोकने पर भी जोर
नाग नदी के प्रदूषित पानी का असर नागपुर जिले के कुछ तालुकों के साथ-साथ भंडारा जिले के कुछ हिस्सों पर भी पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गडकरी ने अधिकारियों को प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी के प्रदूषित पानी के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर नहीं होना चाहिए और किसानों को भी स्वच्छ पानी उपलब्ध हो, इसके लिए मनपा आयुक्त और जिलाधिकारी को आवश्यक उपाय करने होंगे। नाग नदी प्रोजेक्ट शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इस विकास की कीमत आम नागरिकों को टूटी सड़कों, धूल और परेशानी के रूप में नहीं चुकानी पड़े—इसी बात पर गडकरी ने प्रशासन को सख्त संदेश दिया है।


