नागपुर : नागपुर में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया, सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सामान्य बारिश नहीं, बल्कि ढगफुटी जैसी स्थिति थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहर में एक ही दिन में करीब 180 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसमें से 110 मिमी बारिश सिर्फ सवा से डेढ़ घंटे के भीतर हुई। इतनी तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में अचानक पानी भर गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा असर सखल क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां कई घरों में पानी घुस गया। वहीं, तीन स्कूलों में भी पानी भर जाने से प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाया। सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। फडणवीस ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि कई स्थानों पर अब भी पानी निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि नागपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और शाम के बाद फिर से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने बदलते मौसम के पैटर्न पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पालघर, नासिक और नागपुर जैसे शहरों में अब एक-दो दिनों में पूरे महीने जितनी बारिश हो रही है, जिससे ड्रेनेज व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मौसम के बदलते स्वरूप के अनुसार शहरों की आधारभूत संरचना और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर अधूरे विकास कार्यों के कारण जलभराव की समस्या और बढ़ी है।


